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पानीपत: आशा वर्कर्स का CMO कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन, 21 जुलाई को पंचकूला कूच
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक लिखित मांग पत्र सीएमओ के माध्यम से भेजा। यूनियन ने ऐलान किया कि आगामी 21 जुलाई 2026 को अपनी मांगों को लेकर हरियाणा राज्य कमेटी के आह्वान पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक के पंचकूला कार्यालय पर हजारों की संख्या में आशा वर्कर्स राज्य स्तरीय प्रदर्शन करेंगी।
आशा कार्यकर्ता सोमवार को आशा वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू) जिला कमेटी पानीपत के नेतृत्व में जिला सचिवालय पर एकत्रित हु। सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की और सरकार की अनदेखी पर रोष प्रकट किया। यूनियन ने इसके बाद सीएमओ डॉ. विजय मलिक को ज्ञापन सौंपा।
सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, जिला प्रधान बंटी, सचिव सुशीला, उप प्रधान सुनीता व सीमा ने प्रदर्शन की अगुवाई की। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक ने भी प्रदर्शन को संबोधित कर मांगों का समर्थन किया।
सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार व्यवहार में महिलाओं का मानसिक व आर्थिक शोषण कर रही है। कोरोना महामारी में जान हथेली पर रखकर काम करने वाली जिन आशा कार्यकर्ता की प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की थी। उन्हें 24 घंटे सेवा देने के बावजूद वेतन की जगह महज मानदेय देकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
इन प्रमुख मांगों को रखा।
-वेतन व मानदेय : भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 में घोषित 1500 की बढ़ोतरी तुरंत लागू की जाए।
-एनएचएम को स्थायी कार्यक्रम बनाकर आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले।
-छह महीने का प्रसूति अवकाश, 20 दिन की वार्षिक छुट्टी और मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिले।
-सेवानिवृत्तिट की आयु 65 वर्ष की जाए और पेंशन का प्रावधान हो।
-ऑनलाइन काम का दबाव बंद हो, अस्पतालों के निजीकरण पर रोक लगे और चारों मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द किए जाएं।
-ड्यूटी के लिए स्कूटर व यात्रा भत्ता मिले तथा अस्पतालों में आशा विश्राम कक्ष बनें।
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