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Tankers Serve as Lifeline to Combat Drinking Water Crisis in Bahu Akbarpur Bypass Accelerates Development
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बहुअकबरपुर में पेयजल संकट से निपटने के लिए टैंकर सहारा, बाईपास से मिली विकास को रफ्तार
रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 06:23 PM IST
रोहतक-हिसार राजमार्ग 9 पर बसे बहुअकबरपुर गांव में 15 साल पहले बने बाईपास से स्थानीय लोगों ने विकास की रफ्तार भरी। ग्रामीणों को अब चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली की ओर जाने में इसकी फर्राटेदार सुविधा मिल रही है।
ग्रामीण का कहना है कि उनके लिए बाईपास की सुविधा और बढ़ सकती है बशर्ते गांव के खेतों में जाने के लिए अंडरपास बना दिया जाए। अंडरपास के अभाव में यहां हादसे हो रहे हैं। तीन सालों में ही दो लोगों की जान तक जा चुकी है।
ग्रामीण सत्यवान व राजेश बताते हैं रोहतक खंड की बड़ी पंचायत में शुमार बहुअकबरपुर में पेयजल, स्वच्छता और जल निकासी जैसी सुविधाओं का अभाव है। गर्मी के चलते इन दिनों गांव में पेयजल संकट बढ़ा है। जिससे निपटने के लिए अनेक ग्रामीण टैंकर या नल का सहारा ले रहे हैं।
वहीं, ग्रामीण विजय बल्हारा, बलबीर, जीत का कहना है कि बरसात के दिनों में यहां खेतों से पानी निकासी के ठोस इंतजाम होने चाहिए। गांव की 150 एकड़ जमीन में महीनों तक जलभराव रहता है। गांव में सड़क के दोनों तरफ सफाई का अभाव भी है। ज्यादातर बसें व अन्य वाहन बाईपास जाते है। जिससे गांव में सड़क पर भीड़भाड़ कम होने से कुछ राहत मिल रही है। लेकिन दूर दराज से आने वाले लोगों को बाईपास पर ही उतरना पड़ता है। कुछ बसें ही गांव के अंदर से गुजरती हैं। खेतों में आने-जाने के लिए रास्ते कच्चे हैं। यहां तक कि ड्रेन की पटरी भी कच्ची है। जिससे किसान व मजदूरों को भारी दिक्कत होती है। कई बार हादसों का भय भी बना रहता है। हादसे भी यहां कई बार हो चुके हैं। महिलाओं का कहना है कि तालाबों में गांव का गंदा पानी जा रहा है जबकि गांव में पशुओं के लिए स्वच्छ पानी होना चाहिए। ऐसे में पशु बीमार होने का खतरा ज्यादा रहता है। गांव के तालाबों पर अतिक्रमण भी है।
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