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यमुनानगर में मजदूर दिवस पर जन संगठनों का प्रदर्शन, श्रमिक मुद्दों पर सरकार को घेरा
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विभिन्न जन संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर श्रमिकों के अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सोदे, किसान सभा के जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान, सीटू जिला संयोजक शरबती और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह रावत ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन जिला सचिव सतीश कुमार ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज समेत अन्य नेताओं ने हरियाणा सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने संगठन बीएमएस के माध्यम से गुरुग्राम में श्रमिक सम्मान समारोह आयोजित कर अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रही है, जबकि वहीं न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मजदूरों को जेल में डाल दिया गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूरों की रिहाई की मांग करने की बजाय बीएमएस मुख्यमंत्री का सम्मान कर रही है, जिससे उसका श्रमिक विरोधी रुख उजागर होता है।
नेताओं ने कहा कि त्रिपक्षीय समिति द्वारा स्वीकृत 23,196 रुपये के न्यूनतम वेतन को घटाकर 15,220 रुपये तय करना मजदूरों के साथ धोखा है। साथ ही तीन गुना वेतन बढ़ोतरी के दावों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि ठेका कर्मचारियों को नियमित करने के आदेशों पर सरकार की चुप्पी और महीनों से वेतन न मिलना गंभीर चिंता का विषय है।
सभा में 8 अप्रैल से जारी फायर कर्मचारियों की हड़ताल का भी जिक्र किया गया। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो निंदनीय है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो सभी जन संगठन मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
नेताओं ने कहा कि मजदूर दिवस शहीद श्रमिकों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर चार लेबर कोड, न्यूनतम वेतन और 8 घंटे के कार्य दिवस पर हो रहे हमलों के खिलाफ प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए गए।
कार्यक्रम में नगर पालिका कर्मचारी संघ के महासचिव मांगेराम तिगरा, रिंकु कुमार, सोमनाथ, प्यारे लाल तंवर, राजेश्वरी देवी, सुनीता करेड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और श्रमिक एकता पर जोर दिया।
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