{"_id":"6a3a39c8fbc5b927a708b7f4","slug":"video-farmers-hold-a-foot-march-in-yamunanagar-against-the-india-us-trade-deal-warn-of-a-major-agitation-2026-06-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"यमुनानगर में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का पैदल मार्च, बड़े आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुनानगर में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का पैदल मार्च, बड़े आंदोलन की चेतावनी
केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने कन्हैया साहिब चौक से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ट्रेड डील को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होते हैं तो इसका सीधा असर देश के किसानों पर पड़ेगा। उनका आरोप है कि समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद और खाद्य सामग्री कम शुल्क या बिना शुल्क के भारत में आयात की जा सकेगी, जिससे भारतीय किसानों की फसलों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और घरेलू बाजार प्रभावित होगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि अमेरिका में बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती की जाती है, जबकि भारत का अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। ऐसे में भारतीय किसान अमेरिकी कृषि व्यवस्था से प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में नहीं है। किसानों का कहना है कि सरकार को किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले देश के किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के नेता संजू गुदियाना ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके विरोध में देशभर में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह डील लागू होती है तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
संजू गुदियाना ने बताया कि 25 जून को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में देशभर के किसान और मजदूर संगठनों की महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर संसद, दिल्ली और केंद्रीय मंत्रियों के आवासों का घेराव करने जैसे बड़े आंदोलन भी किए जाएंगे।
किसानों ने सरकार से प्रस्तावित ट्रेड डील पर पुनर्विचार करने और किसान हितों के खिलाफ कोई भी निर्णय न लेने की मांग की है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।