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Solan: करोड़ों का सुरक्षा डंगा, लेकिन निकासी व्यवस्था पर सवाल; तकनीकी खामी से नींव में भर रहा पानी
Ankesh Dogra
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:11 AM IST
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कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर कुमारहट्टी के समीप होटल हिल इन के पास राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से दोबारा निर्मित सुरक्षा डंगा अब अपनी निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डंगे के साथ बनाई गई नाली का ढलान तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण पानी डंगे की नींव के पास जमा हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार डंगे के साथ बनी पक्की नाली का ढलान उस निकासी पुलिया की ओर नहीं दिया गया, जो प्राकृतिक जल स्रोत से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके बजाय पानी विपरीत दिशा में बहता है और लगभग 100 मीटर बाद नाली समाप्त हो जाती है। इसके आगे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस तकनीकी खामी के कारण नाली वर्षभर पानी से भरी रहती है। पानी लगातार डंगे की नींव के संपर्क में रहने से उसकी मजबूती प्रभावित होने की आशंका है। अतिरिक्त पानी सड़क पर बहने लगता है, जिससे विशेषकर बरसात और कोहरे के दौरान वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब प्राकृतिक जल स्रोत के पास ही निकासी पुलिया मौजूद थी, तो नाली का ढलान विपरीत दिशा में किस आधार पर तैयार किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण से पहले तकनीकी और हाइड्रोलॉजिकल सर्वे हुआ था तो ऐसी त्रुटि कैसे रह गई।
लोगों ने यह भी बताया कि कुछ वर्ष पहले भारी बारिश के दौरान इसी स्थान का पुराना डंगा ढह गया था। इसके बाद करोड़ों रुपये खर्च कर इसका पुनर्निर्माण किया गया, लेकिन यदि जल निकासी की मूल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में फिर नुकसान हो सकता है।
स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराने, गुणवत्ता की जांच करने और यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इस संबंध में एनएचएआई के परियोजना निदेशक आनंद दहिया ने कहा कि यदि जांच में नाली की ढलान तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके।
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