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VIDEO: आदम कद की लौकी, विभिन्न किस्म के आलू बीज खींच रहे ध्यान
उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर प्रेरणा स्थल पर कृषि विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉल लोगों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। यहां प्रदर्शित पांच फीट लंबी, पांच किलो वजनी कद्दू सरीखी गोल लौकी लोगों को हैरान कर रही है, वहीं जैविक उत्पाद और उन्नत फसलें किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
बाराबंकी के कृषि विज्ञान केंद्र, हैदरगढ़ से आए विकास राठौर की लाई गई खास किस्म की लौकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। करीब पांच फीट लंबी और कद्दू जैसी गोल इस लौकी का नाम ‘नरेंद्र माधुरी’है। इसके साथ जामुनी रंग का आलू, गुलाबी, पीली, हरी व नीली रंग की फूलगोभी की कई किस्में, सूर्या आलू और करीब दस किलो तक वजन वाला बेल भी प्रदर्शित किया गया है। जो किसानों का ध्यान खींच रहे हैं।
सीतापुर से आए किसान विकास सिंह तोमर अपने साथ सोठ, गरी, काजू मिक्स गुड़, गजक, गन्ने का सिरका, रागी का पास्ता, रागी और जौ का आटा तथा पीली सरसों का शुद्ध तेल लेकर पहुंचे हैं।
उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में गुड़, गन्ने से बना सिरका स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है और बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इटावा के युवा किसान शिवम तिवारी विभिन्न किस्मों के आलू के बीज लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे करीब 20 किस्मों के आलू बीज का उत्पादन करते हैं। रिसर्च के बाद तैयार किए गए ये बीज कृषि विभाग के माध्यम से और सीधे किसानों तक पहुंचाए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और गुजरात समेत कई राज्यों में इनके बीजों की अच्छी मांग है, क्योंकि इससे पैदावार अधिक होती है और किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं। भदोही से आई मजदूर स्वयं सहायता समूह की नेहा सिंह ने अपने स्टॉल पर ऊनी कालीन, दरी, शागी कारपेट, फ्लोर मैट और डिजाइनर रग्स समेत करीब 50 प्रकार के उत्पाद प्रदर्शित किए। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाएं घर के कामकाज के बाद खाली समय में ये उत्पाद तैयार करती हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के साथ आत्मनिर्भरता भी मिल रही है। जिला प्रशासन के सहयोग से जिले की हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
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