कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लखनपुर में मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया। इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड मृतक राजेंद्र पटेल का बड़ा बेटा आलोक उर्फ सूरज पटेल (18 वर्ष) निकला, जिसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में राजेंद्र पटेल और बबलू पटेल (पिता हंस लाल पटेल, 40 वर्ष) तथा सीमा बैगा (पिता ऐतू बैगा, 25 वर्ष, ग्राम डालाडीह) की मौत हो गई। वहीं, रूपा पटेल (पत्नी राजेंद्र पटेल, 38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनका इलाज मेडिकल कॉलेज शहडोल में चल रहा है।
पुलिस ने बताया कि राजेंद्र पटेल ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी पार्वती पटेल से उनका पुत्र आलोक उर्फ सूरज पटेल है, जबकि दूसरी शादी रूपा पटेल से हुई, जिससे उनका आठ वर्षीय पुत्र आयुष पटेल है। सौतेली मां और पिता के साथ सौतेला व्यवहार होने के कारण आलोक बचपन से ही मानसिक अवसाद का शिकार था। पिता द्वारा आयुष को जायदाद और ट्रैक्टर ट्रेसर देने की बात कहकर घर से अलग करने की धमकी दी जाती थी, जिससे आलोक और मानसिक रूप से परेशान रहता था। 25 नवंबर को अपने 18वें जन्मदिन के मौके पर आलोक दोस्तों के साथ गया था, बिना बताए जाने पर पिता द्वारा उसे डांट-फटकार और मारपीट किया गया।
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पुलिस ने बताया कि 4 दिसंबर की शाम को आलोक ने अपने 16 वर्षीय नाबालिक दोस्त से सौतेली मां और पिता की हत्या के लिए 5 लाख रुपए देने का सौदा किया। इसके बाद आलोक के साथ चार लोगों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। इसमें तीन नाबालिक किशोर और एक अन्य आरोपी देवेंद्र सोनवानी (18 वर्ष, ग्राम बरटोला) शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि नवंबर और 10 दिसंबर की मध्यरात्रि को आरोपियों ने मोटरसाइकिल से रात 1 बजे लखनपुर पहुंचकर आलोक के साथ मिलकर सौतेली मां रूपा पटेल, पिता राजेंद्र पटेल और घर में काम करने वाली महिला सीमा बैगा पर हमला किया। धारदार लोहे की कुल्हाड़ी, लोहे का बसूला, लाठी और सिलबट्टे से सोते हुए हमला किया गया। इस हमले में राजेंद्र पटेल और सीमा बैगा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रूपा पटेल गंभीर रूप से घायल हो गईं। आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और मोबाइल फोन जब्त किए। आलोक पटेल और घटना में शामिल दो नाबालिक किशोरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, एक नाबालिक किशोर और दूसरा फरार आरोपी देवेंद्र सोनवानी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छत्तीसगढ़ भेजी गई है। इस कार्रवाई में एसडीओपी सुमित केरकेट्टा, थाना प्रभारी अरविंद जैन और अन्य पुलिस स्टाफ शामिल थे। आरोपियों की गिरफ्तारी पर डीआईजी शहडोल ने पुलिस टीम को 30,000 रुपए इनाम देने की घोषणा की है।