अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के ग्राम पकरिहा में एक युवक की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लगातार मिल रही धमकियों और पुलिस द्वारा शिकायत पर कार्रवाई न होने से आहत युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मृतक की पहचान राजेश गुप्ता (पिता दशरथ गुप्ता) के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही तीरथ साहू, लल्लू साहू, बेसाहु यादव और उसके बेटे ने राजेश को सुनसान स्थान पर ले जाकर डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी दी थी। इससे भयभीत होकर राजेश बुधवार शाम कोतमा थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
परिजनों ने थाना प्रभारी रत्नाम्बर शुक्ला पर भी असंवेदनशील व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पीड़ित को उचित सुनवाई के बजाय फटकार लगाकर थाने से भगा दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया और घर लौटकर आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
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घटना के बाद गुरुवार को आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा के सामने तिराहे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की।
वहीं, इस मामले में थाना प्रभारी का कहना है कि युवक के खिलाफ पहले भी छेड़छाड़ की शिकायत आई थी। उनके अनुसार, संबंधित पक्ष की जानकारी के आधार पर युवक को समझाइश देकर भेजा गया था और आगे जांच की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि युवक खुद एक लड़की को थाने लाने की बात कहकर गया था, जिसके बाद उसकी आत्महत्या की सूचना मिली। मामले को लेकर कई घंटों तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। पुलिस द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।