छिंदवाड़ा शहर के औद्योगिक क्षेत्र खापाभाट स्थित बालाजी कंपनी के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया।
धरम टेकड़ी चौकी प्रभारी अविनाश पारधी के मुताबिक, गोदाम में कुरकुरे और पानी की बोतलों का स्टॉक रखा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले गोदाम से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग पूरे गोदाम में फैल गई और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के उद्योगों और दुकानों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और धरम टेकड़ी चौकी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे तक लगातार पानी की बौछार करने के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आसपास स्थित अन्य औद्योगिक इकाइयों तक आग फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
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धरम टेकड़ी चौकी प्रभारी अविनाश पारधी ने बताया कि यह गोदाम अमित मिश्रा का है, जहां बड़ी मात्रा में पॉलिथीन, प्लास्टिक, पैकिंग सामग्री और अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था। इसी कारण आग तेजी से फैल गई और दमकल कर्मियों को राहत एवं बचाव कार्य के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि फायर ब्रिगेड की टीम ने सूझबूझ और तत्परता से कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पा लिया।
इस घटना में गोदाम के भीतर रखी मशीनें, पैकिंग सामग्री, तैयार माल और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार इस घटना में करीब 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच के साथ-साथ नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है। वहीं, इस घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत उपकरणों के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।