छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करना राजस्व विभाग के एक अधिकारी को भारी पड़ गया। रेत से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त करने के कुछ ही देर बाद राजस्व निरीक्षक (आरआई) राहुल कुबेरिया के साथ कथित तौर पर बीच सड़क पर मारपीट की गई। आरआई का आरोप है कि उन्हें रास्ते में रोककर थप्पड़ मारा गया और शिकायत करने थाने जाते समय दोबारा रोकने का प्रयास किया गया। वहीं मामले में नया मोड़ तब आया, जब ट्रैक्टर मालिक के भाई ने भी आरआई पर थाना परिसर में मारपीट करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों की शिकायत के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, जुन्नारदेव क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम सक्रिय थी। इसी क्रम में राजस्व निरीक्षक राहुल कुबेरिया ने जुन्नारदेव ओवरब्रिज के पास कार्रवाई करते हुए रेत से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े। प्राथमिक जांच में वाहनों के पास रेत परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर जुन्नारदेव थाना परिसर में खड़ा कराया गया।
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कार्रवाई पूरी करने के बाद आरआई अपने घर चले गए। आरोप है कि कुछ समय बाद जब वे किसी शासकीय कार्य से दोबारा जुन्नारदेव की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में दो लोगों ने उनकी बाइक रुकवा ली। आरआई का कहना है कि दोनों व्यक्तियों ने पहले उनसे बहस की और फिर एक व्यक्ति ने उनके चेहरे पर थप्पड़ मार दिया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद वे शिकायत दर्ज कराने थाने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में फिर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान तनाव और अस्वस्थता के कारण उन्हें चक्कर आ गया और वे कुछ समय के लिए अचेत हो गए। होश में आने के बाद वे सीधे जुन्नारदेव थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी।
आरआई की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी लिए जा रहे हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, मामला एकतरफा नहीं रहा। ट्रैक्टर मालिक के भाई ने भी राजस्व निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब ट्रैक्टर थाना परिसर में लाए गए, तब आरआई ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ मारा। उसने आरोप लगाया कि उसके साथ बिना किसी कारण मारपीट की गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोपों के चलते मामला अब विवादित हो गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी शासकीय कर्मचारी के साथ ड्यूटी के दौरान हमला होने की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जाएगा। वहीं यदि दूसरे पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं तो उस संबंध में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जुन्नारदेव और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। समय-समय पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग संयुक्त कार्रवाई करते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद रेत तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में कार्रवाई के दौरान शासकीय अधिकारी के साथ कथित मारपीट की घटना ने प्रशासनिक अमले की सुरक्षा और अवैध खनन के खिलाफ अभियान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि पूरे घटनाक्रम में वास्तविक जिम्मेदार कौन है।