दमोह शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत खजरी मोहल्ला में जुआ खेलने और शराबखोरी का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात शराब के नशे में धुत असामाजिक तत्वों ने विरोध करने वाले परिवार के घर पर धावा बोल दिया और जमकर ईंट-पत्थर बरसाए। हमले में पिता-पुत्र घायल हो गए, जबकि घर के बाहर खड़ी कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद रविवार शाम उन्हीं गलियों में आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला गया, जहां उन्होंने उत्पात मचाया था। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
ड्यूटी से लौटे युवक ने किया विरोध, भड़क उठे आरोपी
पीड़ित नरेन्द्र अहिरवार के अनुसार वह देर रात ड्यूटी से घर लौटे थे। घर के पीछे कुछ युवक जुआ खेल रहे थे और शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहे थे। उन्होंने जब इसका विरोध करते हुए वहां से हटने के लिए कहा, तो आरोपी नाराज हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही देर में करीब दो दर्जन से अधिक लोग एकत्रित होकर नरेन्द्र के घर के बाहर पहुंच गए और अचानक ईंट-पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा मोहल्ला पत्थरों की आवाज से गूंज उठा और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
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पिता-पुत्र पर बरसे पत्थर, अस्पताल पहुंचाना पड़ा
हमले के दौरान नरेन्द्र अहिरवार के पुत्र अभिषेक अहिरवार और पिता शंकर अहिरवार पत्थरों की चपेट में आकर घायल हो गए। परिजन तत्काल दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि उपद्रवियों ने काफी देर तक लगातार पथराव किया, जिससे सड़क पर ईंट और पत्थरों का ढेर लग गया। घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया।
महिलाओं और बच्चों में मची चीख-पुकार
अचानक हुए हमले से घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे घबरा गए। जान बचाने के लिए परिवार के लोगों ने तत्काल घर के दरवाजे बंद कर लिए और भीतर सुरक्षित रहने का प्रयास किया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो घटना और गंभीर रूप ले सकती थी।
कार को बनाया निशाना, शीशे चकनाचूर
हमलावरों का गुस्सा केवल परिवार तक सीमित नहीं रहा। आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी कार पर भी हमला कर दिया। कार के शीशे तोड़ दिए गए और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद मोहल्ले में अफरातफरी का माहौल बन गया।
डायल-112 की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने खजरी मोहल्ला सहित शहर के विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी। सब्जी मंडी, कृषि उपज मंडी, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड क्षेत्र में सघन तलाश अभियान चलाया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खजरी मोहल्ला निवासी आरोपी संदीप आठिया और भगवाचंद अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से जुआ, शराबखोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। मामले में शेष आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया है।
जहां किया था पथराव, वहीं निकला पैदल जुलूस
रविवार शाम पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन तथा सीएसपी एच.आर. पांडे के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ दोनों आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला गया। जुलूस उसी क्षेत्र से निकाला गया, जहां आरोपियों ने पथराव और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से सार्वजनिक रूप से नारे भी लगवाए, अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए और पुलिस कार्रवाई को देखते रहे।
पुलिस का संदेश: गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में गुंडागर्दी, उपद्रव, जुआ-सट्टा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।