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major decision by administration and temple management to stop open chanting and meditation at Pitambara Peeth
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Datia News: पीताम्बरा पीठ में खुले में जप-साधना पर रोक, पंडागिरी-दलाली रोकने प्रशासन-मंदिर प्रबंधन का फैसला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया Published by: दतिया ब्यूरो Updated Fri, 06 Feb 2026 08:19 PM IST
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विश्व प्रसिद्ध पीताम्बरा पीठ मंदिर में बढ़ती अव्यवस्था और तथाकथित पंडागिरी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। अब मंदिर परिसर में खुले स्थानों पर जप-साधना नहीं की जा सकेगी। साधकों को केवल मणिपुर धाम और निर्धारित साधना केंद्रों में ही बैठकर जप करने की अनुमति होगी। इस संबंध में मंदिर परिसर में सूचना भी चस्पा कर दी गई है और निगरानी के लिए विशेष समिति का गठन किया गया है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर में खुले में बैठकर जप करने वाले कुछ लोगों की वजह से श्रद्धालुओं को दर्शन में परेशानी हो रही थी। मंदिर प्रबंधन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ दलाल प्रवृत्ति के लोग साधक बनकर श्रद्धालुओं से पूजा-अनुष्ठान के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। इससे मंदिर की छवि प्रभावित हो रही थी और व्यवस्था भी बिगड़ रही थी। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने संयुक्त बैठक कर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।
कहीं भी बैठने की अनुमति नहीं होगी
नई व्यवस्था के अनुसार मंदिर से जुड़े पंजीकृत साधक अपने निर्धारित स्थान पर ही साधना करेंगे। वहीं अन्य साधक भी उन्हीं स्थानों पर बैठकर जप कर सकेंगे, लेकिन मंदिर परिसर में अनियंत्रित रूप से बैठने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सकेंगे और दलाली जैसी गतिविधियों पर रोक लगेगी।
कुछ लोग साधना के नाम पर दलाली कर रहे
मंदिर से जुड़े वरिष्ठ आचार्य पंडित विष्णु कांत मुड़िया ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वास्तविक साधकों को इससे कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि मंदिर से जुड़े साधक कभी भी दक्षिणा के लिए दबाव नहीं बनाते, लेकिन कुछ लोग साधना के नाम पर दलाली कर रहे थे, जिससे पीठ की गरिमा प्रभावित हो रही थी। ऐसे लोगों पर अंकुश लगाना जरूरी था।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि जिला प्रशासन मंदिर प्रबंधन के साथ मिलकर व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। मंदिर परिसर में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की पंडागिरी या अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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