दतिया जिले की इंदरगढ़ तहसील में स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। इंदरगढ़ क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से रह रही एक अर्धविक्षिप्त महिला की बुधवार सुबह मौत हो गई। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि महिला की मौत भूख, प्यास और ठंड के कारण हुई।
सुबह सड़क पर महिला का शव पड़ा देख लोगों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद को सूचना दी। समाजसेवियों द्वारा बार-बार फोन किए जाने के बावजूद मौके पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची। काफी देर बाद नगर परिषद ने शव उठाने के लिए कचरा वाहन भेज दिया, लेकिन वाहन के साथ कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों ने ही महिला के शव को कचरा वाहन में रखवाया।
ये भी पढ़ें- MP: सीधी में मिला रहस्यमयी जीवाश्म, 12 मीटर लंबी हड्डियां व बड़े-बड़े दांतों की क्या है कहानी? कहां हैं अधिकारी
पोस्टमार्टम के बाद जब नगर परिषद के कर्मचारी शव को दफनाने पहुंचे, तो एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। शव को दफनाने के लिए जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदा गया। गड्ढा खोदने के बाद शव पर कपड़ा डालकर हाथों से मिट्टी डालने के बजाय जेसीबी से ही मिट्टी डालकर दफन की औपचारिकता पूरी कर दी गई। इन दृश्यों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आए।
इंदरगढ़ थाना प्रभारी टीआई गौरव शर्मा ने बताया कि महिला पिछले तीन-चार दिनों से क्षेत्र में घूमती हुई दिखाई दे रही थी। प्रारंभिक जांच में भूख, प्यास और ठंड के कारण उसकी मौत की आशंका जताई गई है। वहीं पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. नरेंद्र वर्मा ने बताया कि महिला का शरीर अत्यधिक कमजोर अवस्था में पाया गया है। मामले ने प्रशासनिक लापरवाही और मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी को उजागर कर दिया है।