गुना जिले के बमोरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत सिरसी थाना क्षेत्र के ग्राम करनबाटा में शासकीय कार्य के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ दबंगों ने वन रक्षक और वनपाल के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उन्हें जान से मारने और झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी भी दी। घटना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, घटना 19 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे की है। वन रक्षक मुकेश पटेलिया अपने वरिष्ठ वनपाल सरदार सिंह भिलाला और अन्य स्टाफ के साथ बीट करनावटा के कक्ष क्रमांक पीएफ-450 में स्वीकृत वृक्षारोपण क्षेत्र में पशु अवरोध दीवार (स्टोन बाउंड्री) का निर्माण कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान ग्राम किलामपुर और कलेछरी के करीब 20 से 25 ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ मौके पर पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों ने आते ही वन अमले के साथ विवाद शुरू कर दिया और अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। विरोध करने पर मामला बढ़ गया और आरोपियों ने वन रक्षक मुकेश पटेलिया पर डंडों से हमला कर दिया, जिससे उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। बीच-बचाव करने पहुंचे वनपाल सरदार सिंह भिलाला के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उन्हें कमर और सीने में चोटें आईं। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से भी पीटा गया।
पढ़ें: Accident News: एमपी के मंडला में बड़ा हादसा, पुल से बाइक नीचे गिरी, चार लोगों की मौत; परिजनों में कोहराम
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विवाद का मुख्य कारण वन भूमि पर अवैध कब्जा है। विभाग का कहना है कि जिन ग्रामीणों के पास वैध वन अधिकार पत्र हैं, उनकी भूमि को प्लांटेशन क्षेत्र से अलग रखा गया है। इसके बावजूद कुछ लोग वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और कार्य में बाधा डाल रहे हैं। यह भी आरोप है कि संबंधित लोग कर्मचारियों को डराने के लिए महिलाओं के माध्यम से झूठे प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में पूर्व में न्यायालय में भी सुनवाई हो चुकी है, जिसमें जांच के आधार पर स्पष्ट किया गया था कि संबंधित भूमि पर किसी का वैध अधिकार नहीं है। इसके बावजूद लगातार कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है।
घटना के बाद घायल वन कर्मचारियों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। सिरसी पुलिस ने रूपसिंह पटेलिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी भी बढ़ा दी गई है।