ग्वालियर में गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास एक पुलिस आरक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतक की पहचान 32 वर्षीय आरक्षक अंकित तोमर के रूप में हुई है, जो वर्तमान में डीआरपी पुलिस लाइन में पदस्थ थे।
राहगीरों ने सबसे पहले सुनसान इलाके में वर्दी पहने एक व्यक्ति का शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सीएसपी, थाना प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरक्षक अंकित तोमर के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। उनका बायां टखना बुरी तरह टूटा हुआ था और मौके पर काफी मात्रा में खून भी मिला है। शव की स्थिति को देखकर पुलिस हत्या और सड़क दुर्घटना दोनों एंगल पर जांच कर रही है।
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मामले को और रहस्यमय इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि अंकित तोमर पिछले दो दिनों से लापता थे। मूल रूप से मुरैना जिले के अम्बाह-पोरसा क्षेत्र के रहने वाले अंकित ग्वालियर के सिकंदर कंपू इलाके में रह रहे थे। परिजनों के अनुसार उन्हें विभागीय डाक देने के लिए अपने गृहग्राम पोरसा जाना था। उनके भांजे अवध सिंह ने उन्हें बस स्टैंड पर बस में बैठाया था, लेकिन उसके बाद से उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वे अपने गांव भी नहीं पहुंचे।
परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन गुरुवार सुबह उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। पुलिस अब अंकित के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, उनकी लोकेशन हिस्ट्री और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी बार उन्हें किसके साथ देखा गया था। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन एक बात तय है कि वर्दी में तैनात एक जवान की इस रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस जांच से ही सामने आएंगे।