मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ में सब-इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने एक नर्सिंग ऑफिसर की बेटी और भांजे को सीधे SI बनाने का झांसा दिया और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए। जब दोनों जॉइनिंग के लिए बिहार के दानापुर रेलवे मुख्यालय पहुंचे तो पता चला कि RPF में ऐसी कोई भर्ती ही नहीं हुई है। मामले में जिला न्यायालय के आदेश के बाद थाटीपुर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, थाटीपुर स्थित सिविल डिस्पेंसरी में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर चंद्रलेखा सिंह की वर्ष 2023 में विक्रम राणा से पहचान हुई थी। विक्रम ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए दावा किया कि वह RPF में सीधे सब-इंस्पेक्टर की नौकरी लगवा सकता है। चंद्रलेखा की बेटी स्वाती और भांजे सिद्धार्थ के लिए उसने सात-सात लाख रुपये, यानी कुल 14 लाख रुपये की मांग की। उसने दोनों के शैक्षणिक दस्तावेज और कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए।
इसके बाद विक्रम ने अपने दो साथियों अनूप और जितेंद्र से परिवार की मुलाकात कराई और भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया इन्हीं के माध्यम से पूरी होगी। कुछ दिनों बाद तीनों आरोपियों ने स्वाती और सिद्धार्थ के नाम से कथित RPF नियुक्ति पत्र सौंप दिए। परिवार ने उन पर विश्वास कर 14 लाख रुपये नकद दे दिए। इनमें 10 लाख रुपये चंद्रलेखा सिंह और 4 लाख रुपये उनकी बहन ने दिए थे।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद स्वाती और सिद्धार्थ जॉइनिंग के लिए बिहार के दानापुर रेलवे मुख्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों ने दस्तावेज देखने के बाद साफ कर दिया कि RPF में ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई है और नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी हैं।
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पीड़ित परिवार ने आरोपियों से संपर्क कर पैसे वापस मांगे, लेकिन उन्हें टालमटोल किया गया और कथित तौर पर धमकियां भी दी गईं। थाटीपुर थाने में शिकायत देने के बावजूद जब मामला दर्ज नहीं हुआ तो परिवार ने जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने विक्रम राणा, अनूप और जितेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करता है।