गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न संकट को लेकर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को ग्वालियर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ संयुक्त दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी साझा की।
सिंधिया ने बताया कि शिवपुरी में 22 और गुना में 7 लोगों की जान गई है, जो बेहद दुखद है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने शिवपुरी में 400, गुना में 300 और अशोकनगर में 150 लोगों की जान बचाई है। सिंधिया ने कहा, "मुझे गर्व है कि हमारे जवानों ने जान की परवाह किए बिना गांवों में जाकर लोगों की जान बचाई।" उन्होंने बताया कि कोलारस में सिंध नदी के उफान के कारण दो किलोमीटर का क्षेत्र जलमग्न हो गया था, वहां जवानों ने नावों की मदद से ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। एक घटना का जिक्र करते हुए सिंधिया ने कहा कि एक युवक और उसका परिवार छत पर फंसे थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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किसानों की फसलें भी हुईं बर्बाद
बाढ़ के कारण मूंगफली, मक्का समेत कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सिंधिया ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रशासन को नुकसान का तत्काल सर्वे कर मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन और कार्यकर्ताओं की सराहना
सिंधिया ने प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं की तन्मयता और सेवा भाव की सराहना की। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री लगातार हालात पर नजर रखे हुए थे, हर घंटे दूरभाष पर अपडेट लेते रहे और देर रात तक जागकर नियंत्रण बनाए रखा।"
जनता से की सावधानी बरतने की अपील
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जुलाई में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि अभी दो महीने बारिश के शेष हैं। ऐसे में आमजन को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमें सिखाया है कि संकट के समय जनसेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य है। यही जिम्मेदारी हम सभी को निभानी है।"