मानसून की बेरुखी का असर अब नर्मदा नदी और बरगी बांध के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार कम बारिश के कारण नर्मदा के कई घाटों पर पानी का स्तर इतना घट गया है कि लोग पैदल ही नदी पार कर रहे हैं। वहीं बरगी बांध के जलस्तर में भी पिछले वर्षों की तुलना में करीब तीन मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, बांध का मौजूदा जलस्तर निर्धारित स्तर से अब भी करीब साढ़े तीन मीटर अधिक बना हुआ है।
बरगी बांध के प्रभारी सहायक यंत्री आर.आर. रोहित ने बताया कि 30 जून तक बांध का जलस्तर 403.55 मीटर होना चाहिए। वर्तमान में जलस्तर 407.04 मीटर है, जो निर्धारित स्तर से लगभग 3.5 मीटर अधिक है। हालांकि, पिछले कई वर्षों में 30 जून तक बांध का जलस्तर औसतन 410 मीटर के आसपास रहता था। इस वर्ष कम बारिश के कारण इसमें करीब तीन मीटर की कमी दर्ज की गई है।
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उन्होंने बताया कि रेलवे और नगर निगम को बांध से प्रतिघंटा लगभग 95 क्यूमैक्स पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा लेफ्ट बैंक कैनाल (एलबीसी) के माध्यम से करीब 12 क्यूमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बरगी बांध की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 422.76 मीटर है।
मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में सामान्य तौर पर 178.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस वर्ष जून में केवल 63 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी सामान्य से लगभग 115 मिमी कम वर्षा हुई है।
कम बारिश का असर नर्मदा नदी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, जिलहरी घाट सहित कई स्थानों पर नदी के बीच टापू उभर आए हैं। कई घाटों पर पानी इतना कम हो गया है कि लोग पैदल ही नदी पार कर रहे हैं। यदि मानसून की यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में जल संकट गहरा सकता है।