लंबे समय से फसल बीमा राशि न मिलने से आक्रोशित झाबुआ जिले के किसानों ने आखिरकार प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पेटलावद क्षेत्र के बनी और रूपगढ़ गांव के किसानों ने लगातार आवेदन-निवेदन के बाद भी सुनवाई न होने पर आज मंगलवार सुबह से झाबुआ कलेक्टर कार्यालय के लिए 50 किलोमीटर का पैदल मार्चशुरू कर दिया है। किसान अपने साथ राशन-पानी की व्यवस्था लेकर निकले हैं और मांगें पूरी न होने पर कलेक्ट्रेट पर ही डेरा डालने की चेतावनी दी है।
ये है पूरा मामला
किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा सैटेलाइट से सर्वे कराए जाने की बात कही जाती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर पास-पास के खेतों में भी फसल बीमा के वितरण में भारी लापरवाही बरती गई है। कई पात्र किसान बीमा लाभ से वंचित रह गए हैं।
पहले भी हुआ था प्रदर्शन
पिछले वर्ष बनी में किसानों ने चक्का जाम किया था। इसके अलावा मांडन और गंगाखेड़ी के किसान भी कलेक्टर की खवासा जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी पीड़ा व्यक्त कर चुके हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
राशन-पानी के साथ अनिश्चितकालीन डेरे की तैयारी
बनी गांव के राधा कृष्ण पाटीदार ने बताया कि लंबे इंतजार और उपेक्षा के बाद किसानों को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। वहीं, रूपगढ़ से भी किसानों का जत्था नारेबाजी करते हुए झाबुआ की ओर रवाना हो गया है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला मंत्री जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि यूनियन के पदाधिकारी भी इस आंदोलन में किसानों के साथ शामिल हैं। किसानों ने प्रशासन को पहले ही आंदोलन की सूचना दे दी थी। खास बात यह है कि इस बार किसान पूरी तैयारी के साथ आए हैं और राशन-पानी लेकर चल रहे हैं ,ताकि यदि उनकी मांगें तुरंत नहीं मानी गईं, तो वे वहीं धरना देकर बैठ सकें।
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कलेक्टर से होगी सीधी मुलाकात
किसान सुरेश सेप्टा ने बताया कि सभी 50 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर झाबुआ पहुंचेंगे और जिला कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपेंगे।