भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत शुक्रवार को पेटलावद में आयोजित किसान महासभा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के किसानों को संबोधित करते हुए भूमि अधिग्रहण, मुआवजे के नियमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर तीखे तेवर दिखाए। टिकैत ने हाइवे निर्माण को लेकर सवाल उठाया कि किसानों को नियमों के मुताबिक चार गुना मुआवजा क्यों नहीं मिल रहा है। गाइडलाइन का दोगुना मुआवजा देना गलत है और किसानों को उनका पूरा हक मिलना चाहिए।
सभा में राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, राष्ट्रीय सचिव राजवीर सिंह जादौन, प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव सहित कई अन्य वरिष्ठ किसान नेता मंचासीन रहे और कार्यक्रम का संचालन महामंत्री जितेंद्र पाटीदार ने किया।
जमीन पर कब्जा न छोड़ें
अपने संबोधन में राकेश टिकैत ने किसानों से आह्वान किया कि यदि पट्टे वाली जमीन भी जा रही है, तो उसका भी मुआवजा लें और अधिकारी न मानें तो अपनी जमीन पर कब्जा न छोड़ें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसके लिए यूनियन की टीम आकर पूरी मदद करेगी। किसानों से संवाद के दौरान जब उन्होंने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले के बारे में पूछा और ना में जवाब मिला, तो उन्होंने कहा कि अभी आपको अपने हक के लिए बड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। उन्होंने सलाह दी कि यदि जिला स्तर पर किसान नेताओं को नोटिस मिल रहे हैं, तो दिल्ली के ट्रैक्टर मार्च की तर्ज पर जिले पर ही शांतिपूर्ण तरीके से एक ट्रैक्टर मार्च निकाल लिया जाए।
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टिकैत ने पेटलावद को आदिवासी और भगवान बिरसा मुंडा का क्षेत्र बताते हुए कहा कि कम संसाधनों के बावजूद यहां ऐतिहासिक जीत हासिल हुई थी, इसलिए हमें भी इसी जज्बे के साथ अपनी लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने किसानों को याद दिलाया कि हर महीने के तीसरे बुधवार को किसान दिवस होता है, जहां कलेक्टर और अन्य अधिकारी किसानों की समस्याएं सुनते हैं, इसलिए सभी को अधिकारियों के पास जाकर अपनी समस्या रखनी चाहिए।
अचानक बिजली गुल, माइक बंद
संबोधन के दौरान जब टिकैत किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गुल होने से माइक बंद हो गया। करीब दस मिनट बाद जब जनरेटर चालू हुआ, तब टिकैत ने तंज कसते हुए कहा कि आंदोलनों में व्यवधान तो आते ही रहते हैं। इसके बाद उन्होंने मौके पर उपस्थित पुलिस और राजस्व अधिकारियों को बुलाकर किसानों को मिल रहे नोटिसों के बारे में भी पूछताछ की।
इस दौरे की शुरुआत में सड़क मार्ग से पहुंचे टिकैत एवं उनके साथियों ने बाबा साहब अंबेडकर तथा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद मंच पर पहुंचकर अतिथियों ने मां सरस्वती जी एवं भगवान बलराम के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस महासभा में झाबुआ जिला अध्यक्ष महेंद्र हामड़, धार जिला अध्यक्ष राकेश सोलंकी, संगठन महामंत्री ओम पटेल समेत बड़ी संख्या में किसान और यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।