हनीट्रैप के जरिए आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लाखों रुपये की वसूली करने वाले एक ब्लैकमेलिंग गिरोह का खरगोन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना सनावद पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। आरोपी फरियादी को झूठे केस में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 2.50 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन (ग्रामीण) अनुराग और पुलिस उप महानिरीक्षक निमाड़ रेंज सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशों पर की गई। पुलिस अधीक्षक खरगोन रविंद्र वर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत की निगरानी में थाना सनावद पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को ग्राम सताजना निवासी फरियादी ने थाना सनावद में शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि 2 फरवरी 2026 को एक महिला, जिसने अपना नाम सपना बताया, ने उसे बार-बार फोन कर पद्मावती कॉलोनी स्थित अपने घर बुलाया। वहां बातचीत के दौरान अचानक दो युवक और एक अन्य महिला कमरे में आ गए, जिन्होंने महिला का नाम वैजन्ती बताया।
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आरोपियों ने फरियादी को डराते हुए कहा कि उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया गया है और यदि उसने रुपये नहीं दिए तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा, झूठे बलात्कार प्रकरण में फंसा दिया जाएगा और जान से मार दिया जाएगा। इसके बदले 2.50 लाख रुपये की मांग की गई। भयवश फरियादी ने 6 फरवरी को 10 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए, लेकिन धमकियां जारी रहीं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया।
शिकायत के आधार पर थाना सनावद में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(7), 351(3) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने पद्मावती कॉलोनी में दबिश देकर मुख्य आरोपी वैजन्ती को महिला पुलिस की सहायता से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथ दो अन्य महिलाओं तथा समीर पिता लियाकत (22) और सावन पिता मोहन (21), दोनों निवासी सनावद, के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 हजार रुपये नकद और आपत्तिजनक वीडियो जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।