कुशेश्वरस्थान प्रखंड के हरिनगर गांव में शांति व्यवस्था बहाल करने को लेकर प्रशासन लगातार दोनों पक्षों के साथ बैठक कर रहा है। धीरे-धीरे गांव में दूसरे पक्ष के लोग लौटने लगे हैं और जरूरत के सामान की दुकानें भी खुल गई हैं। हालांकि, ब्राह्मण समाज के पुरुष अभी भी गांव से बाहर बताए जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि गांव लौटते ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
सात दिन बाद भी कैंप कर रही है पुलिस
घटना के सात दिन बाद भी बिरौल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी मजिस्ट्रेट और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ गांव में कैंप कर रहे हैं। वहीं, दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में पासवान समाज के आठ लोग अभी भी इलाजरत हैं। इन सभी आठ घायलों को शनिवार रात SC/ST कानून के तहत मिलने वाली सहायता राशि का चेक अस्पताल जाकर सौंपा गया।
8 पीड़ित परिवारों को मिली 6.64 लाख की मदद
जिला कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा और SC/ST अत्याचार निवारण अनुश्रवण समिति के सदस्यों ने डीएमसीएच में इलाजरत कुशेश्वरस्थान प्रखंड के हरिनगर गांव की घटना में जख्मी अनुसूचित जाति के आठ परिवारों को कुल 6 लाख 64 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि पीड़ितों के घरों और दुकानों में हुई तोड़फोड़ को लेकर स्थानीय अंचल अधिकारी (सीओ) की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। क्षतिग्रस्त संपत्ति का मुआवजा भी जल्द ही संबंधित पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से सभी प्रभावित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
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मजदूरी के पैसे को लेकर हुआ था विवाद, बदला जातीय हिंसा में
बताया जा रहा है कि हरिनगर गांव में मजदूरी के पैसे के लेन-देन को लेकर दो लोगों के बीच हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा और देखते ही देखते जातीय हिंसा में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। वहीं, इस घटना में घायल बच्ची कोमल कुमारी के इलाज को लेकर डॉक्टरों ने एम्स या किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि उसकी कमर में फ्रैक्चर है।
डीएम बोले- गांव में शांति बहाल, प्रशासन रख रहा है नजर
इस पूरे मामले पर डीएम कौशल कुमार ने कहा कि अब हरिनगर में शांति बहाल हो गई है। हालांकि, गांव में अभी भी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दोनों पक्षों के लोगों के बीच आपसी सौहार्द बनाने की पहल की जा रही है। धीरे-धीरे गांव में जनजीवन सामान्य हो रहा है। जिला प्रशासन पूरी घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है।