चंबल अंचल में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अवैध खनन और बिना नंबर वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद खनन माफिया न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि कार्रवाई करने वाली सरकारी टीमों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां परिवहन विभाग की टीम पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाने का प्रयास किया गया।
जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग की उपनिरीक्षक मीनाक्षी गोखले और विभागीय आरक्षक नेशनल हाईवे-44 स्थित नहर के पास वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें अवैध खनन में संलिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई दी। टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज गति से भगा लिया।
परिवहन विभाग की टीम ने वाहन का पीछा किया, लेकिन चालक लगातार भागता रहा। बताया जा रहा है कि करीब आधा किलोमीटर तक पीछा करने के दौरान उसने ट्रैक्टर-ट्रॉली को बेहद लापरवाही से चलाया और टीम को डराने तथा बच निकलने के लिए वाहन चढ़ाने का भी प्रयास किया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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भागने की कोशिश में चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली से नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे बनी दीवार से जा टकराया। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। हालांकि परिवहन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया और इसकी सूचना तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जब्त वाहन को थाने में खड़ा कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि वाहन का उपयोग अवैध खनन गतिविधियों में किया जा रहा था और इसी कारण चालक कार्रवाई से बचने के लिए भागने का प्रयास कर रहा था।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बिना नंबर वाले, नियमों का उल्लंघन करने वाले तथा अवैध खनन में संलिप्त वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर चंबल क्षेत्र में सक्रिय खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को उजागर कर दिया है।