नर्मदापुरम के सांवलखेड़ा के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सिवनी मालवा से महिला मरीज को रेफर कर ले जा रही चलती एंबुलेंस अचानक ‘द बर्निंग एंबुलेंस’ बन गई। ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद महिला की जान पर बन आई और कुछ ही पलों में एंबुलेंस धू-धू कर जलने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वायरिंग में स्पार्किंग होते ही आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
इस भयावह मंजर के बीच स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर महिला मरीज को जलती एंबुलेंस से बाहर निकाला। उसे सड़क किनारे अस्थायी सहारे पर लिटाकर किसी तरह ऑक्सीजन सपोर्ट जारी रखा गया, ताकि उसकी सांसें चलती रहें। मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से एक बड़ी जनहानि टल गई, लेकिन हालात बेहद तनावपूर्ण बने रहे।
घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद दूसरी एंबुलेंस और डायल 112 करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची, जिससे हालात और ज्यादा भयावह हो गए। इस देरी ने आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
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वहीं, डोलरिया थाना प्रभारी प्रवीण चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। प्रधान आरक्षक, आरक्षक और पायलट की सूझबूझ से ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद मरीज को सुरक्षित बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।