देश के कर्नाटक राज्य से हज यात्रा का सपना लेकर पैदल निकले सैय्यद जिलानी मंगलवार की रात लगभग 60 दिन का सफर तय करते हुए मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की सीमा सारंगपुर क्षेत्र में पहुंचे। जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा उनका पलक पावड़े बिछाकर इस्तकबाल किया गया। उनकी यह यात्रा दुनिया के पांच देशों से होते हुए पूरी होगी, जिसे वे लगभग एक वर्ष में पूर्ण करेंगे और हज के सभी अरकान को पूरा करने के पश्चात दुनिया में अमन चैन और शांति के लिए दुआ करेंगे। वहीं, बुधवार और गुरुवार को भी वे जिले की सीमा में विराजे, जिसके पश्चात वे ब्यावरा से होते हुए गुना आए।
अगर आपके मन में कुछ करने का जज्बा हो या लगन हो तो क्या नहीं हो सकता। ऐसा ही जज्बा लेकर कनार्टक के 35 वर्षीय सैय्यद जिलानी मक्का-मदीना की हज यात्रा पर पैदल निकल पड़े हैं।इस यात्रा के दौरान वे दुनिया के पांच देशों से होते हुए करीब 8500 किलोमीटर का सफर पैदल तय करेंगे। इस यात्रा में जिलानी को लगभग एक साल का समय लगेगा और वो अगले साल मई 2025 तक मक्का-मदीना पहुंचेंगे।
सैय्यद जिलानी ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना था कि वे पैदल हज यात्रा पर जाएं। भारत और विश्व में अमन-शांति की दुआ लेकर वे मक्का-मदीना जा रहे हैं। उनके एक औरंगाबाद से दोस्त मुजीब शेख भी उनके साथ चल रहे हैं। जो अटारी बॉर्डर तक उनके साथ जाएंगे। दोनों मंगलवार को सारंगपुर के एबी रोड किनारे स्थित मऊ पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया।
आपको बता दें, कनार्टक राज्य के यादगीर जिले के शाहपुर शहर से 28 जून 2024 को उनकी वालिदा और पत्नी (जिससे सात माह पहले ही उनकी शादी हुई) से मक्का-मदीना की हज यात्रा की इजाजत लेकर रवाना हुए। गर्मी ज्यादा है, इसलिए वह रोजाना सुबह-शाम 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय करते हैं और रास्ते में हाइवे किनारे जो होटल मिल जाता है, वहां रुक जाते हैं। मई 2025 तक वे मक्का-मदीना पहुंच जाएंगे। आपको बता दें, उनकी यह यात्रा पाकिस्तान, ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी देशों से होकर पूरी होगी और इन देशों से होकर वे मक्का-मदीना पहुंचेगे और हज के सभी अरकान को पूरा करेंगे।