महू-नीमच हाईवे पर बिलपांक फंटे के समीप बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात पपीते से भरे ट्रक से पानी के छींटे उड़ने पर बाइक सवारों ने ट्रक चालक (मालिक) से विवाद किया और अपने साथियों को बुला लिया। आरोपी युवकों व उनके साथियों ने ट्रक चालक व उसके भाई के साथ लोहे की टॉमी व लाठियों से मारपीट की। इससे दोनों भाई घायल हो गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां एक भाई की मौत हो गई।
बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान ने बताया कि अनुसार ट्रक चालक व मालिक 42 वर्षीय भगवानसिंह तंवर पिता भेरूसिंह तंवर निवासी ग्राम बड़ी सादड़ी जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) और उसके बड़े भाई 50 वर्षीय उदयसिंह तंवर के स्वयं के एक-एक ट्रक है। दोनों भाई स्वयं ट्रक चलाते भी हैं। बुधवार को भगवानसिंह तंवर ने सनावदा जिला खरगोन से अपने ट्रक में कपास भरा था और वे कपास चित्तौड़गढ़ ले जाने वाले थे। उनके भाई उदयसिंह ने अपने ट्रक में ग्राम सादड़ा जिला खरगोन से पपीता भरा था और वे पपीता लेकर पुष्कर (राजस्थान) जाने वाले थे। दोनों भाई रास्ते में ट्रक लेकर मिले और दोनों आगे-पीछे ट्रक लेकर राजस्थान की तरफ जाने लगे। इसी बीच बुधवार रात 11 से 11.30 बजे के बीच वे ट्रक लेकर महू-नीमच हाईवे स्थित रतलाम जिले के बिलपांक क्षेत्र से गुजर रहे थे। तभी बाइक पर आरोपी भरत, रोहित व सूरज निवासी चिकलिया पीछे आ रहे थे। पपीता के ट्रक से पानी के छींटे निकलकर उन पर गिरे, इससे वे नाराज हो गए तथा ट्रक चालक से विवाद करने लगे। ट्रक चालक भगवानसिंह व उदयसिंह ने अपने ट्रक कुछ दूर जाकर बिलपांक फंटे के समीप एक दुकान के आगे रोके और ट्रक से नीचे उतरे। तभी आरोपी भी वहां पहुंचे तथा दोनों पक्षों में विवाद व मारपीट होने लगी। इसी बीच आरोपी युवकों ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया। आरोपियों ने लोहे की टॉमी व लाठियों से दोनों ट्रक चालक भाइयों से जमकर मारपीट की। इससे वे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां कुछ देर बाद भगवासिंह तंवर ने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम कराकर शव उसके परिजन को सौंप दिया गया।
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आठ आरोपियों पर प्रकरण
पुलिस के अनुसार घायल उदयसिंह तंवर व अन्य मृतक भगवानसिंह तंवर का शव उसे पैतृक गांव छोटी सादड़ी ले गए। आरोपी भरत, रोहित, सूरज सहित आठ आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि ट्रक मालिक भगवानसिंह व उनके भाई अलग-अलग ट्रकों से सामान लेकर जा रहे थे। ट्रक से रिसाव हुआ, जिससे कुछ लोगों ने विवाद किया। विवाद के चलते मारपीट हुई, भगवानसिंह व उदयसिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां भगवानसिंह की मृत्यु हो गई। हत्या का प्रकरण दर्ज कर सात-आठ संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।