रीवा में जल संकट के बीच अवैध बोरिंग का खेल लगातार जारी है। जिले को कलेक्टर द्वारा जल-अभावग्रस्त घोषित किए जाने के बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक शहर और आसपास के कई इलाकों में बिना अनुमति बोरिंग मशीनें चलती हुई कैमरों में कैद हुईं। दिन में जहां प्रशासन की सख्ती नजर आती है, वहीं रात के अंधेरे में अवैध गतिविधियां तेज हो जाती हैं।
कार्रवाई से बचने के लिए मशीनों को चुपचाप रात में पहुंचाया जाता है और तेजी से बोरिंग कर काम पूरा कर लिया जाता है। इस दौरान न तो प्रशासन से अनुमति ली जा रही है और न ही तय नियमों का पालन किया जा रहा है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक शहर के कई हिस्सों में बोरिंग मशीनें सक्रिय देखी गईं।
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अवैध बोरिंग को लेकर एक बोरवेल संचालक का कहना है कि उसे प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी, हालांकि जिला प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जल संकट के दौरान बिना अनुमति बोरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। संबंधित व्यक्ति ने कैमरे पर बयान देने से इनकार कर दिया। अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन इन अवैध गतिविधियों पर कितनी सख्ती दिखाता है और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।