सागर शहर में बैतूल और सागर वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 लाख की सागौन की लकड़ी जब्त की है। यह कार्रवाई मोतीनगर स्थित एक आरा मशीन और फर्नीचर कारखाने में की गई, जहां भारी मात्रा में अवैध सागौन लकड़ी पाई गई।
दरअसल, कुछ दिन पहले बैतूल वन विभाग ने एक कुख्यात सागौन तस्कर राजू वाडिवा को पकड़ा था। जांच के दौरान उसके मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली गईं, जिससे यह खुलासा हुआ कि बैतूल के जंगलों से अवैध रूप से काटी गई सागौन की लकड़ी सागर के फर्नीचर व्यापारियों को बेची जा रही है। इसके आधार पर संयुक्त छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान लगभग 60 घनमीटर सागौन चिरान और अधबना फर्नीचर जब्त किया गया। टीम ने मोतीनगर चौराहा स्थित कुंजबिहारी मिश्रा सॉ मिल एवं श्रीकृष्ण सॉ मिल की जांच की। प्रस्तुत दस्तावेजों और भौतिक स्थिति के बीच भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते दोनों आरा मशीनों को सील कर दिया गया है।
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इस दौरान टीम ने कुंजबिहारी मिश्रा सॉ मिल के प्रबंधक जगदीश श्रीवास्तव को मौके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। वहीं, सॉ मिल के मालिक अमित मिश्रा फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
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जांच चौकियों पर उठे सवाल
इस मामले ने प्रदेश में सागौन तस्करी को रोकने के लिए स्थापित जांच चौकियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैतूल से सागर तक लगभग 350 किलोमीटर दूर यह अवैध लकड़ी बिना किसी रुकावट के कैसे पहुंच गई, यह जांच का विषय बन गया है। प्रभारी साउथ डीएफओ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि बैतूल में की गई पूछताछ और अन्य आरोपियों की निशानदेही के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सीसीएफ सागर रिपुदमन सिंह भदौरिया के निर्देश पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।