सावन की शिवरात्रि इस बार भी देश-दुनिया को एक सूत्र में बांधने जा रही है। 11 अगस्त की शाम 7 से 8 बजे तक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर करोड़ों श्रद्धालु अपने-अपने घरों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की आराधना करेंगे। सीहोर के प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम से ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक का आयोजन होगा, जिसमें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु जुड़ेंगे।
घर-घर गूंजेंगे हर-हर महादेव के जयकारे
इस एक घंटे के दौरान शहरों की भागदौड़ से लेकर गांवों की गलियों तक भक्तिमय वातावरण दिखाई देने की उम्मीद है। श्रद्धालु घरों में मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से पूजा करेंगे और अभिषेक करेंगे। घर-घर से ‘हर हर महादेव’, ‘जय शिव शंकर’ और ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ के जयकारे गूंजेंगे। आयोजन को श्रद्धालु आस्था और सामूहिक शिवभक्ति का अनूठा स्वरूप मानते हैं।
कुबेरेश्वरधाम से ऑनलाइन होगा अभिषेक
सीहोर के चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में कुबेरेश्वरधाम से पंडित प्रदीप मिश्रा ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक करेंगे। इसी के साथ देश-विदेश में श्रद्धालु अपने घरों से इस अनुष्ठान में शामिल होंगे। विठलेश सेवा समिति के अनुसार श्रद्धालु पिछले कई वर्षों से ऑनलाइन माध्यम से इस आयोजन से जुड़ते आ रहे हैं।
ये भी पढ़ें- 36 घंटे में 400 किमी का सफर, 150 कांवड़िए बमनाला से त्र्यंबकेश्वर के लिए 'डाक कांवड़' लेकर रवाना
पिछले साल 82 करोड़ भक्तों के जुड़ने का दावा
समिति के अनुसार पिछले वर्ष करीब 82 करोड़ शिवभक्तों ने ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग पूजन में सहभागिता की थी। वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 73 करोड़ बताई गई थी। इस बार श्रद्धालुओं में पहले से अधिक उत्साह दिखाई दे रहा है। समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार इस वर्ष एक अरब से अधिक सनातनियों के ऑनलाइन पूजन से जुड़ने का अनुमान है।
सावन में कुबेरेश्वरधाम की ओर बढ़ता आस्था का सैलाब
सावन शुरू होते ही सीहोर के सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का मार्ग शिवभक्ति में डूबा हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर सीवन नदी पहुंच रहे हैं और पवित्र जल लेकर पैदल धाम की ओर रवाना हो रहे हैं। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी कांवड़ यात्रियों के साथ शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
सीवन तट से धाम तक सेवा और भक्ति का संगम
कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग में सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से जगह-जगह सेवा पंडाल लगाए गए हैं। यहां पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहार और प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है। विठलेश सेवा समिति की ओर से कुबेरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
ये भी पढ़ें- सावन के दूसरे सोमवार ओंकारेश्वर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, दो सवारियां करेंगी नगर भ्रमण; होगा महाभिषेक
अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके
सावन मास में अब तक करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक करने की बात सामने आई है। शनिवार को भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष सावन और भादो में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सीवन से कुबेरेश्वरधाम तक हर कदम में शिवभक्ति
इन दिनों सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग मानो शिवमय हो गया है। कहीं कांवड़ यात्रियों के स्वागत में सेवा पंडाल सजे हैं, तो कहीं भजन-कीर्तन के स्वर सुनाई दे रहे हैं। तपती राह में भी श्रद्धालुओं के कदम थम नहीं रहे। हाथों में कांवड़ और जुबां पर महादेव का नाम लिए भक्त लगातार धाम की ओर बढ़ रहे हैं।
11 अगस्त को फिर दिखेगा सामूहिक आस्था का विराट स्वरूप
सावन शिवरात्रि पर होने वाला यह ऑनलाइन आयोजन पूजा का माध्यम नहीं, बल्कि देश-दुनिया में फैले शिवभक्तों को एक साथ जोड़ने वाला धार्मिक अवसर बन चुका है। 11 अगस्त की शाम जब लाखों-करोड़ों घरों में पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक होगा, तब सीहोर के कुबेरेश्वरधाम से उठने वाली शिवभक्ति की गूंज एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सुनाई देने की उम्मीद है।

कुबेरेश्वर धाम पहुंच रहे भक्त
सीहोर के कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ रहा भक्तों का सैलाब।
लोगों को प्रसादी बांटते भक्त