मध्यप्रदेश के ऊर्जा नगरी सिंगरौली में बुधवार को एक सड़क हादसे के बाद जनआक्रोश फूट पड़ा। 22 वर्षीय विनय पांडे की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। इससे गुस्साए स्थानीय लोगों ने बैढ़न-सीधी मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। यह विरोध-प्रदर्शन करीब 11 घंटे तक चला, जिससे पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। भीड़ ने पथराव किया और ट्रक में आग लगाने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कचनी इलाके की है। बुधवार दोपहर लगभग 3 बजे विनय पांडे (22) निवासी कथूरा गांव, रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल जा रहा था। इस दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे कुचल दिया। हादसे में विनय की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा नो एंट्री जोन में हुआ, जहां भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। उनका कहना है कि बड़े वाहन नो एंट्री के बावजूद शहर में बेरोकटोक प्रवेश कर रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
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आक्रोश और विरोध
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। लोग कलेक्टर और विधायक को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें थानेदार घायल हो गए। भीड़ ने ट्रक में आग लगाने की कोशिश भी की। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। रात 2 बजे प्रशासन की टीम मृतक परिजनों को समझाने में सफल हुई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और यातायात बहाल किया गया।
माता पिता का इकलौटा बेटा था विनय
विनय अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह किडनी की बीमारी से जूझ रहा था और बनारस में उसका इलाज चल रहा था। पिता संतोष पांडे किसान हैं, जिन्होंने बेटे के इलाज के लिए 5 एकड़ जमीन तक बेच दी थी। विनय अस्पताल में रूटीन चेकअप के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया। जिला प्रशासन ने परिजनों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही मृतक के पिता को निजी कंपनी में नौकरी दिलवाने का आश्वासन भी दिया गया है।