अपराधों पर रोकथाम और उन पर नियंत्रण करने का काम पुलिस का होता है। अगर पुलिस वाले ही जुआ खेलने लगे तो इसे आप क्या कहेंगे। कुछ ऐसा ही मामला टीकमगढ़ पुलिस लाइन का सामने आया है, जहां पर जुआ खेलते हुए आरक्षकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसके चलते टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने छह आरक्षकों को निलंबित कर दिया, जिसमें एक उनका टीम का सदस्य बताया जा रहा है।
टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक रोहित ने सोमवार सुबह जानकारी देते हुए बताया कि टीकमगढ़ पुलिस लाइन में जुआ खेलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह वीडियो संज्ञान में आने के बाद जुआ खेल रहे छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। टीकमगढ़ जिले के कोतवाली, देहात पुलिस थाना, पुलिस लाइन और दिगौड़ा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों का जुआ खेलते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें आरक्षक एक साथ जुआ का फड़ जमाए हुए हैं, जो ताश के पत्तों से दांव लगा रहे हैं। साथ में नकदी भी लिए हुए यह वीडियो जैसे ही टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित के पास पहुंचा तो उन्होंने तत्काल जुआ खेलने के मामले में छह आरक्षकों को निलंबित कर दिया है, जिसमें कोतवाली में पदस्थ आरक्षक मनोज अहिरवार, अनिल, सूरज राजपूत और देहात पुलिस थाने में पदस्थ भुवनेश्वर अग्निहोत्री दिगौड़ा थाने में पड़त सलमान खान और पुलिस लाइन में पदस्थ रितेश मिश्रा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
इसके साथ ही जांच के आदेश दिए हैं। एसपी एस्कॉर्ट का रितेश मिश्रा भी जुआ खेल रहा था। सूत्र बताते हैं कि पुलिस अधीक्षक की स्कॉट में था। लेकिन टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित ने कहा कि मैं इस तरह की कोई स्कॉट नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि वीडियो की भी जांच कराई जा रही है और वीडियो की सत्यता आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी फिलहाल सभी आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जिन आरक्षकों के साथ और लोग जुआ खेल रहे हैं, उनकी भी पहचान कराई जा रही है।
चर्चा में रहे सभी पुलिसकर्मी
यह सभी पुलिसकर्मी अपनी गतिविधियों के चलते पिछले एक साल से टीकमगढ़ जिले में चर्चा में हैं। इनके द्वारा आए दिन लोगों के साथ बदतमीजी करना और इन पर लोगों के रुपये लेने के आरोप लगते रहे हैं। इसके साथ ही मनोज अहिरवार का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने डिजिटल रिश्वत ली थी और इस मामले में तत्कालीन एसडीओपी बीडी त्रिपाठी ने इस मामले की जांच की थी और अपनी रिपोर्ट में आरोपी के बर्खास्त के लिए लिखा था। लेकिन आज तक उस पर कार्रवाई नहीं। इसके बाद आज फिर उसका जुआ खेलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।