टीकमगढ़ जिले के लिधौरा ताल में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार सांसद निधि से निर्मित सांसद उत्सव धाम सभागार के उद्घाटन के लिए पहुंचे और निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखकर नाराज हो गए। निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां सामने आने पर उन्होंने सभागार का उद्घाटन करने से इनकार कर दिया और फीता काटे बिना ही वापस लौट गए।
जानकारी के अनुसार, लिधौरा ताल में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से सांसद उत्सव धाम सभागार का निर्माण कराया गया है। यह राशि केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार की सांसद निधि से स्वीकृत की गई थी। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपी गई थी, जबकि निर्माण कार्य मेसर्स शर्मा एसोसिएट के ठेकेदार सार्थक शर्मा द्वारा कराया गया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। जहां फर्श पर कोटा स्टोन लगाया जाना था, वहां सीमेंट का फर्श बना दिया गया। इतना ही नहीं, उद्घाटन से पहले ही फर्श कई स्थानों से उखड़ चुका था। सभागार की सीढ़ियों में भी दरारें दिखाई दीं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
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खामियां देखकर केंद्रीय मंत्री ने मौके पर मौजूद पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री (ईई) मनोज दुबे को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का इस प्रकार दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी धन से बनने वाले कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सभागार में पूजन-अर्चन किया, लेकिन उद्घाटन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्वागत, सम्मान और फूल-मालाओं की आवश्यकता नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभागार के फर्श पर कोटा स्टोन लगाया जाए, क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत कराई जाए तथा निर्माण कार्य की सभी कमियों को दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद ही भवन का उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि अनुराग वर्मा, विवेक चतुर्वेदी, किशन पटेरिया, भाजपा कार्यकर्ता, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।