उज्जैन शहर के मोहन नगर क्षेत्र में स्थित श्रीकृष्ण सरल उद्यान में लगी स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने बीती रात नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। जब स्थानीय लोग मॉर्निंग वॉक के लिए पार्क पहुंचे तो उन्होंने प्रतिमा पर गंदगी और पत्थर पड़े देखे। घटना की जानकारी क्षेत्रीय पार्षद शिवेंद्र तिवारी को दी गई। पार्षद तिवारी ने तत्काल इसकी सूचना नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक को दी, लेकिन आयुक्त किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त थे। इसलिए स्थानीय रहवासियों की मदद से प्रतिमा को धोकर साफ किया गया।
पार्क में बैठते हैं शराबी
पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने बताया कि पार्क में प्रतिदिन कुछ युवक शराबखोरी करते हैं और कई बार मना करने पर झगड़े की स्थिति भी बनती है। उन्हें संदेह है कि इसी तरह के असामाजिक तत्वों ने यह शर्मनाक हरकत की है। उन्होंने शहर का माहौल खराब करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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एफआईआर कराएगा निगम
नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। वहीं, महापुरुषों की प्रतिमाओं पर लाइट लगाने सहित सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था करने की बात भी उन्होंने कही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग उठ रही है।
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महापुरुषों की प्रतिमा सुरक्षा पर ध्यान नहीं
शहर के उद्यानों में कई महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रात होते ही यहां पर असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। शराब, कबाब से लेकर हर तरह की गतिविधियाँ यहाँ की जाती हैं। शहर के अन्य उद्यानों का भी यही हाल है। रात्रि होते ही यहाँ शराबखोरी शुरू हो जाती है। पुलिस की गश्त केवल बाहर की सड़कों तक ही सीमित रहती है। गलियों में स्थित उद्यानों में जाने की ज़हमत पुलिस नहीं उठाती। क्षेत्रीय नागरिक भी इन हरकतों से खौफज़दा रहते हैं, लेकिन शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। वहीं, नगर निगम उद्यान विभाग के कर्मचारी भी कभी-कभार ही आकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। महापुरुषों की प्रतिमाओं पर न तो लाइट लगी है और न ही सुरक्षा व्यवस्था है, लिहाज़ा किसी भी दिन कोई बड़ा विवाद इन प्रतिमाओं को लेकर हो सकता है। बता दें कि हाल ही में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का चश्मा किसी असामाजिक तत्व ने तोड़ दिया था। इसको लेकर करीब आधे साल तक नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि परेशान होते रहे।