अंग्रेजी नववर्ष के स्वागत को लेकर भगवान महाकालेश्वर का दरबार इस बार अलौकिक और दिव्य स्वरूप में नजर आएगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर की सजावट केवल फूलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे 5 लाख से अधिक रुद्राक्ष और 11 हजार डमरुओं से भव्य रूप दिया जा रहा है। इस विशेष सजावट कार्य के लिए गुजरात के वडोदरा से 108 सदस्यों की टीम मंगलवार से उज्जैन में जुट गई है।
वडोदरा के प्रसिद्ध डमरूवाला ग्रुप के 108 सदस्य अपनी विशिष्ट पहचान के अनुरूप बाइकों से उज्जैन पहुंचे हैं। टीम के प्रमुख सदस्य नरेंद्र शाह ने बताया कि इससे पहले उनकी टीम को केदारनाथ धाम को सजाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। अब बाबा महाकाल के दरबार को सजाने का अवसर मिला है, जो उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने बताया कि इस संपूर्ण सजावट का खर्च टीम के सदस्य स्वयं वहन कर रहे हैं। सजावट का कार्य तेजी से चल रहा है और लक्ष्य रखा गया है कि 31 दिसंबर की रात तक पूरा कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि नववर्ष की पहली सुबह श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल का दिव्य और अनूठा स्वरूप देखने को मिले।
इन प्रमुख स्थानों पर होगी भव्य सजावट
नंदी गेट और चांदी गेट: प्रवेश द्वारों को रुद्राक्ष की मालाओं और डमरुओं से सजाया जाएगा।
महाकाल लोक: यहां स्थित स्तंभों को विशेष कलात्मक ढंग से सजाया जा रहा है।
शिखर और नीलकंठ द्वार: मंदिर के शिखर और द्वारों पर पन्नी, बेल, झूमर तथा सीएनसी कटिंग की आकर्षक कलाकृतियाँ लगाई जाएंगी।
नंदी हॉल: गर्भगृह के सामने स्थित नंदी हॉल में भी विशेष सजावट की जाएगी।
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सजावट के लिए पहुंचे 51 बाइकर्स
श्री महाकालेश्वर मंदिर में सजावट करने पहुंचे डमरूवाला फाउंडेशन, वडोदरा के अध्यक्ष मेहुल पटेल ने बताया कि उनके ग्रुप में कुल 108 सदस्य हैं, लेकिन फिलहाल सजावट कार्य के लिए 51 बाइकर्स उज्जैन पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सभी बाइकर्स सोमवार सुबह 8 बजे वडोदरा से रवाना हुए और लगभग 380 किलोमीटर का सफर 10 घंटे में तय कर शाम 6 बजे उज्जैन पहुंचे।
मेहुल पटेल ने बताया कि इससे पहले उनका ग्रुप केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर चुका है और महाकालेश्वर दूसरा ज्योतिर्लिंग है। आगे चलकर वे देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने का संकल्प भी रखेंगे।