अप्रैल के पहले हफ्ते में ही गर्मी सताने लगी है। इन दिनों दोपहर 12 बजे से चार बजे तक इसका खासा असर महसूस हो रहा है। दो दिन से तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा तापमान है और सामान्य से चार डिग्री ज्यादा है। जबकि अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दरअसल, इस बार अप्रैल माह की शुरुआत में ही जिस प्रकार से मौसम असर दिखाई दे रहा है, उससे संकेत हैं कि इस बार तेज गर्मी का खासा असर रहेगा। हालांकि, मंगलवार से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो गया है। इसकी वजह से मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।
यह भी पढ़ें: पूर्व सीएम कमलनाथ बोले- ईवीएम बहुत बड़ा धोखा, पटवारी ने किया भाजपा-संघ के खिलाफ संघर्ष का आह्वान
बढ़ने लगी आगजनी की घटनाएं
उज्जैन में लगातार गर्मी अपना तेवर दिखा रही है जिसके कारण आगजनी की घटनाएं भी बढ़ रही है। आज उज्जैन के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के काला पत्थर पर चलती मारुति वैन में अचानक आग लग गयी। फायर बिग्रेड ने मोके पर पहुंचकर गाड़ी में लगी आग पर काबू पाया। दूसरी घटना उज्जैन के देवास गेटथाना परिसर में खड़ी जप्त कार में घटित हुई जहां कार में अज्ञात कारणों से लगी अचानक आग से थाने में हलचल मच गई जिसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी जहा फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया।
दो माह झुलसाएगी गर्मी, पड़ेंगे लू के थपेड़े
जिस तरह मार्च के आखिरी दिनों और अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में गर्मी ने प्रचंड तेवर दिखाए हैं उससे पता चलता है कि अप्रैल के आने वाले दिनों और मई में गर्मी शबाब पर रहेगी। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इस दौरान लू भी चलेगी। ऐसे में शहरवासियों को गर्मी से मुकाबला करने के लिए तैयार रहना होगा।
यह भी पढ़ें: मंदिर में जल चढ़ाने निकली बालिका का अपहरण, कटंगी थाना अंतर्गत ग्राम पडरिया की घटना
शीतल पेय पदार्थों की खपत में हुआ इजाफा
भीषण गर्मी के चलते शीतल पेय पदार्थों की खपत में इजाफा हुआ है। लोग लगातार ठंडा पानी, आइसक्रीम, ज्यूस, लस्सी, शिकंज, नींबू पानी, छाछ जैसी चीजों का सेवन कर रहे हैं। गन्ने की रस की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा सकती है। डॉक्टरों ने गर्मी में लोगों को लगातार पानी पीने के साथ अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी है।