मोहर्रम के दूसरे दिन 18 जून की रात उज्जैन में निकले एक घोड़ा जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हुए विवाद का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बेगमबाग क्षेत्र में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। खास बात यह है कि विवाद स्थल महाकालेश्वर मंदिर के नीलकंठ द्वार के बेहद करीब स्थित है, जहां हर समय श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।
जानकारी के अनुसार मोहर्रम के अवसर पर गरीब नवाज कॉलोनी से घोड़ा जुलूस निकाला गया था। यह जुलूस रात करीब 12 बजे घोड़ा कोट मोहल्ला, महाकाल चौराहा होते हुए बेगमबाग क्षेत्र पहुंचा। इसी दौरान किसी बात को लेकर दो गुटों के युवकों के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। कुछ देर के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। आगामी दिनों में मोहर्रम के बड़े जुलूस प्रस्तावित हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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बता दें कि उज्जैन में मोहर्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से कई घोड़ा जुलूस निकाले जाते हैं। इसके लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है। आयोजकों से नियमों के पालन को लेकर जिम्मेदारी तय कराई जाती है और आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी करवाई जाती हैं। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि मोहर्रम को लेकर सभी आयोजकों की बैठक पहले ही आयोजित की जा चुकी है। उन्हें सुरक्षा और नियमों के पालन संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए हैं तथा आवश्यक नोटिस भी जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आगामी जुलूसों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिस स्थान पर विवाद हुआ, वह महाकालेश्वर मंदिर के नीलकंठ द्वार के समीप स्थित है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए आते-जाते हैं। ऐसे में प्रशासन इस क्षेत्र को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त निगरानी रख रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।