अनंत चतुर्दशी पर शिप्रा नदी के बड़े पुल पर पुलिस की एक कार नीचे गिरी थी, जिसमें थाना प्रभारी सहित दो लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पुल पर रेलिंग लगा दी थी। इसके साथ ही पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आ रही थी, लेकिन अमावस्या पर शिप्रा पुल पर फिर एक ऐसी घटना देखी गई, जिसे अगर पुलिस नहीं देखती तो कोई अनहोनी घटना भी घटित हो सकती थी।
शिप्रा तट रामघाट पर सर्व पितृ अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और दान पुण्य करने पहुंचे थे। शिप्रा तट के साथ शहर के अन्य स्थान पर भी श्रद्धालुओं ने पितरों के निमित्त पूजन अर्चन और तर्पण किया। इस दौरान शिप्रा नदी के छोटे पुल पर ग्रामीण परिवार का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि कुछ लोगों के मनाही के बावजूद पुल पार करना चाहते थे। यह लोग पुल पर अधिक पानी होने के बावजूद पुलिस के बीच तक पहुंचने ही वाले थे कि तभी यहां तैनात पुलिसकर्मी ने सख्ती दिखाते हुए सभी लोगों को वापस बुलाया और उन्हें जमकर फटकार लगा दी। इस फटकार के बाद यह परिवार तो दूसरे रास्ते से अपने घर की ओर चला गया, लेकिन सोचने वाली बात है कि अगर पुलिस इस स्थान पर नहीं होती तो फिर आखिर क्या होता?
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मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही पुलिस : एसपी
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पूरे घाट पर पुलिस मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है। कुछ लोग समझाने के बावजूद नहीं मानते लेकिन सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पुल पर पानी होने पर कोई भी इसे पार नहीं करेगा। रामघाट पर हमेशा ही सुरक्षा के पूरे इंतजाम रहते हैं, लेकिन विशेष पर्व पर पुलिस के साथ ही होमगार्ड के लगभग 80 जवान और मां शिप्रा तैराक दल के जवान भी यहां तैनात रहते हैं।