उमरिया जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश ने नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा दिया है। बारिश का असर अब जलाशयों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बुधवार को जोहिला बांध प्रबंधन ने एहतियातन बांध का एक गेट लगभग एक मीटर तक खोलकर पानी की निकासी शुरू की। लेकिन इसी दौरान जो नजारा सामने आया, उसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
बांध का गेट खुलने के बावजूद नीचे की ओर कई मछुआरे जाल डालकर मछली पकड़ने में व्यस्त दिखाई दिए। तेज बहाव वाले क्षेत्र में लोगों की मौजूदगी ने गंभीर सुरक्षा सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अचानक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गेट खुलने के बाद भी न तो सुरक्षा कर्मियों ने मछुआरों को वहां से हटाया और न ही प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोकने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई दी। ऐसे संवेदनशील स्थान पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और लगातार निगरानी बेहद जरूरी मानी जाती है, लेकिन मौके पर इन व्यवस्थाओं का अभाव साफ नजर आया।
बारिश के चलते जोहिला बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा तो पानी की निकासी और बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में बांध के नीचे या आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और बांध प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी बन जाती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में बांधों से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर मछली पकड़ने पहुंच जाते हैं। इससे यह भी सवाल उठता है कि क्या लोगों को समय पर सूचना दी जा रही है और क्या सुरक्षा नियमों का पालन करवाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बांध से छोड़े जाने वाले पानी का बहाव कभी भी अचानक तेज हो सकता है। ऐसी स्थिति में नीचे मौजूद व्यक्ति को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। इसलिए जल निकासी के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराना और पुलिस तथा प्रशासन की निगरानी सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
फिलहाल जोहिला बांध से एक गेट खोलकर लगभग एक मीटर की ऊंचाई से पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन गेट खुला होने के बावजूद नीचे मछुआरों का बेखौफ मछली पकड़ना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए बांध क्षेत्र में कड़ी निगरानी, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और प्रभावी चेतावनी व्यवस्था तत्काल लागू की जाए।
जोहिला बांध खुला, नीचे जाल डालते रहे मछुआरे- फोटो : credit