Hindi News
›
Video
›
Madhya Pradesh
›
MP News Shortage of DAP fertilizer in Guna farmers uproar in market woman hit with slipper Video
{"_id":"673b6973116e3df723066d2f","slug":"video-mp-news-shortage-of-dap-fertilizer-in-guna-farmers-uproar-in-market-woman-hit-with-slipper-video","type":"video","status":"publish","title_hn":"MP News: गुना में डीएपी खाद की किल्लत, मंडी में किसानों का हाहाकार, महिला ने चप्पल से मारा, Video","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: गुना में डीएपी खाद की किल्लत, मंडी में किसानों का हाहाकार, महिला ने चप्पल से मारा, Video
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, गुना Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 18 Nov 2024 09:52 PM IST
गुना जिले की कृषि उपज मंडी के डबल लॉक केंद्र पर रविवार सुबह से ही डीएपी (डी-अमोनियम फॉस्फेट) खाद के वितरण के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। केंद्र पर डीएपी मिलने की उम्मीद में आए किसान इस कदर व्यथित थे कि उन्हें एक-एक कट्टे के लिए संघर्ष करना पड़ा। सोमवार को स्थिति और भी खराब हो गई, जब महिला और पुरुषों की मिली-जुली भीड़ ने खिड़की के पास पहुंचने के लिए संघर्ष करना शुरू कर दिया।
कृषि क्षेत्र में उर्वरक की भारी कमी के कारण, जिले के चारों ओर से किसान यहां आकर डीएपी के लिए कतार में लगे हुए थे। लेकिन व्यवस्था की कमी और भारी भीड़ ने उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना कराया। इस दौरान, एक महिला किसान को खिड़की तक पहुंचने का मौका न मिलने पर वह गुस्से में आकर खिड़की तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे एक अन्य किसान को चप्पलों से मारने लगी। यह दृश्य केंद्र पर आने वाले बाकी किसानों के लिए चौंकाने वाला था।
किसानों ने बताया कि यहां उन्हें डीएपी के लिए एक कट्टा भी हासिल नहीं हो रहा है, जबकि वे 24 घंटे भूखे रहकर भी इस उर्वरक की तलाश में लगे हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था न होने से वे सभी एक ही जगह पर बेतहाशा भिड़ रहे हैं, जिससे खतरनाक स्थिति बन गई है। केंद्र पर पानी तक की उचित व्यवस्था नहीं है, और किसानों को 20 रुपये की बोतल खरीद कर पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पुलिस को भी भीड़ नियंत्रित करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। भीड़ इतनी अधिक हो गई है कि हादसों का खतरा बना हुआ है, और लोगों को घबराहट और चोटें लगने का डर बना हुआ है। इस हालत में, किसानों का कहना है कि वे जैसे-तैसे किसी भी तरीके से खाद प्राप्त करने के लिए यहां जुटे हुए हैं, क्योंकि उनका कहना है कि बिना डीएपी के उनकी फसलें सही से नहीं उग पातीं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि किसानों की कृषि में उर्वरकों की जरूरत उनके अस्तित्व से जुड़ा हुआ सवाल बन चुकी है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।