विदिशा में आदिवासी समुदाय को उनकी जमीन का अधिकार दिलाने की मांग को लेकर अनुसूचित जाति कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीके से सिर पर काले मटके रखकर स्वामी विवेकानंद चौराहा से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकाली। मटकों पर “बीजेपी के पाप का घड़ा” जैसे नारे लिखे गए थे।
रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि आदिवासी वर्ग को जमीन का अधिकार दिलाने के मामले में प्रशासन पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।
प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष जगन्नाथ अहिरवार सहित कई नेताओं ने सिर पर काले मटके रखकर प्रतीकात्मक विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन प्रशासन और सरकार का ध्यान आदिवासी समुदाय की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया है।
ज्ञापन में ग्राम रामपुरा की करीब 12.103 हेक्टेयर भूमि का मामला प्रमुखता से उठाया गया। समिति के अनुसार, वर्ष 2013 के राजस्व रिकॉर्ड में भूमि का स्वामित्व दर्ज था, लेकिन बाद में रिकॉर्ड में बदलाव कर दिए गए, जिससे आदिवासी वर्ग के अधिकार प्रभावित हुए।
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समिति का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ियों के कारण पात्र हितग्राहियों को अब तक जमीन का अधिकार नहीं मिल पाया है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह मामला लंबे समय से लंबित है।
प्रदर्शनकारियों ने राजस्व मंडल मध्यप्रदेश द्वारा 18 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश का तत्काल पालन कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित भूमि पर आदिवासी वर्ग को कब्जा दिलाने और रिकॉर्ड में संशोधन कर अधिकार सुनिश्चित करने की बात कही।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर उदासीनता और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि पहले दिए गए पट्टों में फर्जी बदलाव किए गए हैं, जिन्हें निरस्त कर जमीन वास्तविक पात्रों को दी जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।