'योजनाएं सरकार फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए’ इस मंत्र को दोहराते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा के बड़े बाजार में स्ट्रीट वेंडरों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने न सिर्फ पीएम स्वनिधि योजना की जमीनी हकीकत परखी बल्कि खुद गन्ना मशीन चलाकर जूस निकालते हुए वेंडरों का हौसला भी बढ़ाया।
बड़े बाजार में स्ट्रीट वेंडर सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पहुंचते ही शिवराज सिंह सीधे गन्ने का ठेला लगाने वाले संतोष कुशवाहा के पास पहुंचे। हालचाल पूछने के बाद उन्होंने खुद मशीन का हैंडल घुमाया और गन्ने का रस निकाला। रस पीकर उन्होंने ठेले वाले की मेहनत को सराहा और कहा, ‘आपके चेहरे की मुस्कान ही पीएम स्वनिधि की सबसे बड़ी सफलता है।’
केंद्रीय मंत्री करीब एक घंटे तक कार्यक्रम में रहे। उन्होंने चाय, फल, सब्जी, कपड़े और चाट के ठेले लगाने वाले वेंडरों से अलग-अलग चर्चा की। लोन मिलने की प्रक्रिया, ब्याज अनुदान, डिजिटल पेमेंट और आगे की जरूरतों पर खुलकर बात की। कई वेंडरों ने बताया कि 10 हजार की पहली किश्त से उनका धंधा पटरी पर आया। अब वे 20 हजार की दूसरी किश्त लेकर व्यापार बढ़ा रहे हैं।
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मीडिया से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे खुद यह देखने आए हैं कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। ‘कई वेंडर अब भी योजना से वंचित हैं। हमारा प्रयास है कि कैंप लगाकर ऐसे सभी लोगों को चिन्हित करें और स्वनिधि से जोड़ें। स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं’। विदिशा में बढ़ते कैंसर मामलों पर चिंता जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में जल्द ही कैंसर की विशेष यूनिट शुरू की जाएगी। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज आधा टूट जाता है। समय पर सही इलाज न मिलना सबसे बड़ी समस्या है। नई यूनिट में जांच से लेकर कीमोथेरेपी तक की सुविधा मिलेगी ताकि लोगों को भोपाल या दिल्ली न भागना पड़े।
कार्यक्रम में मौजूद रेखा बाई सब्जी बेचती हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में ठेला बंद हो गया था। पीएम स्वनिधि से 10 हजार मिले तो दोबारा काम शुरू किया। आज मंत्री जी ने खुद हाल पूछा तो लगा कि सरकार हमारे साथ है। इसी तरह चाट का ठेला लगाने वाले रफीक ने कहा कि दूसरी किश्त से उसने नई स्टॉल बना ली। अब कमाई दोगुनी हो गई है। शिवराज सिंह ने नगर पालिका और बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वनिधि के आवेदन एक हफ्ते में स्वीकृत हों। कोई भी पात्र वेंडर दस्तावेज के अभाव में योजना से वंचित न रहे। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए हर वेंडर को क्यूआर कोड उपलब्ध कराने को भी कहा।
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह की सादगी चर्चा में रही। वे कुर्सी छोड़कर वेंडरों के बीच जमीन पर बैठे। किसी से जलेबी खाई तो किसी के ठेले से फल खरीदे। जाते समय सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा, ‘आप मेहनत करो, सरकार हर कदम पर साथ खड़ी है।’ विदिशा के बड़े बाजार में सरकारी योजना कागज से निकलकर जमीन पर उतरती दिखी और इसकी तस्दीक खुद केंद्रीय मंत्री ने गन्ना मशीन का हैंडल घुमाकर की।