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1,100 acres of wheat crop destroyed by rain and hailstorm in Kandiyal, Moga.
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मोगा के कंडियाल में बारिश और ओलावृष्टि से 1100 एकड़ गेहूं की फसल तबाह
मोगा के धर्मकोट क्षेत्र में शनिवार दोपहर तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने फसलें तबाह कर दी हैं। बेमौसमी बारिश और ओलों की मार से खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों की महीनों की मेहनत पल भर में मिट्टी में मिल चुकी है।
प्रभावित क्षेत्र में कंडियाल, नूरपुर हकीमा, बाजेके, केला, बस्ती चिराग, शाह बकरवाला, शेरपुर तैयबा और रेहड़वा सहित कई गांव शामिल हैं। गांव कंडियाल में 1100 एकड़ गेहूं की फसल तबाह हो चुकी है। गेहूं की फसल पककर तैयार है लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
कंडियाल के किसान पाला सिंह खेत में अपनी बर्बाद फसल देखकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि उन्होंने ठेके पर 25 एकड़ जमीन लेकर गेहूं की खेती की थी। प्रति एकड़ 80 हजार रुपये के हिसाब से ठेका दिया था। आढ़तियों से कर्ज लेकर फसल की बुवाई की थी लेकिन बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। पाला सिंह ने कहा कि पहले धान की फसल बारिश से खराब हो गई थी और अब गेहूं की फसल भी नष्ट हो गई है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि किसानों की हालत को समझते हुए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
कंडियाल के किसान पूरण सिंह ने बताया कि उन्होंने 2 एकड़ जमीन पर सब्जियों की खेती की थी, जिसमें कद्दू, तोरी, भिंडी और टमाटर शामिल थे लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई। इस नुकसान के बाद उनके पास कुछ भी नहीं बचा है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें आर्थिक मदद दी जाए और ठेके का पैसा माफ किया जाए। किसान हरदीप सिंह ने बताया कि उनकी 8 एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में करीब 1100 एकड़ फसल तबाह हो चुकी है, जबकि आसपास के अन्य गांवों में भी भारी नुकसान हुआ है।
किसान हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी चार एकड़ फसल खराब हो गई है। न तो उसमें से गेहूं निकल सकता है और न ही पशुओं के लिए तूड़ी मिल सकती है। वहीं सुखबीर सिंह ने भी बताया कि उनकी आठ एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए ताकि वे अगली फसल की बुवाई कर सकें।
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