Hindi News
›
Video
›
Punjab
›
Paid ₹47 Lakhs to Send Son to the US; He Spent a Year in Jail Moga Case
{"_id":"69fc1ace45b4976fa50902a5","slug":"video-paid-rs47-lakhs-to-send-son-to-the-us-he-spent-a-year-in-jail-moga-case-2026-05-07","type":"video","status":"publish","title_hn":"47 लाख देकर अमेरिका भेजा बेटा, एक साल जेल में काटा, मोगा का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
47 लाख देकर अमेरिका भेजा बेटा, एक साल जेल में काटा, मोगा का मामला
पंजाब में अक्सर नौजवान उज्ज्वल भविष्य के सपने लेकर विदेश जाने की तैयारी करते हैं, लेकिन कई बार गलत एजेंटों के झांसे में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला मोगा के गांव चक तारेवाला से सामने आया है। नौजवान को उसके ही रिश्तेदारों ने एक फर्जी एजेंट के साथ मिलकर डोंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजने का झांसा दिया और उससे 47 लाख रुपये ठग लिए। अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचने के बाद युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जहां उसे एक साल तक जेल में रहना पड़ा। इसके बाद वह निराश होकर वापस अपने घर लौट आया। वापस आकर नौजवान के परिवार जब एजेंट और रिश्तेदार को कहा तो उन्होंने पैसे की बात को नहीं माना।
परिवार ने कुछ वीडियो पैसे देते टाइम बनकर रखा था जिसको लेकर पीड़ित नौजवान के पिता ने पुलिस के पास पहुंचे। पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने संबंधित एजेंट और दो रिश्तेदारों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अमरजीत सिंह ने बताया कि बेहतर जीवन और परिवार के सपनों को पूरा करने की उम्मीद में उन्होंने अपने चचेरे भाई के कहने पर विदेश जाने की योजना बनाई। इसी दौरान उनका संपर्क शाहकोट के रहने वाले दो रिश्तेदारों काकू सिंह (जो पंजाब पुलिस में कर्मचारी है) और मंगल सिंह से हुआ। दोनों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके पास एक भरोसेमंद एजेंट है, जो उन्हें अमेरिका भेज देगा और वहां काम में सेटल होने के बाद 44 लाख रुपये लेंगे। दोनों रिश्तेदार ने जालंधर के एजेंट नगिंदर खुल्लर से मुलाकात करवाई, उन्होंने यकीन दिलाया कि वह उन्हें लीगल तरीके से अमेरिका भेजेगा, कोई परेशानी नहीं आएंगे।
एजेंट की योजना के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2024 को अमरजीत सिंह को विजिटर वीजा पर फ्लाइट के जरिए दिल्ली से तुर्की भेजा गया, जहां से उन्हें आगे अमेरिका भेजा जाना था। लेकिन तुर्की पहुंचने के बाद एजेंट ने हमें डंकी रूट पर काम करने वाले डंकर के हवाले कर दिया। वहां उनके साथ भारत के कई अन्य युवक भी मौजूद थे। सभी को एक होटल में करीब 15 दिनों तक रखा गया जहां पर न खाने दिया जाता था न कोई सुविधाएं। 15 दिन एक होटल में बंद रखने के बाद बस के जरिए ग्रीस भेज दिया गया। ग्रीस से डंकर ने पहले तो सारा सामान छीन लिया। दो महीना जंगल में रहा, न खाना मिलता था। खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ा। कभी घने जंगलों में पैदल चलना पड़ा, कभी मोटरसाइकिल से सफर करना पड़ा, तो कभी नदियों को पार करना पड़ा।
हमें जान से मारने की धमकी देकर घर पर वीडियो कॉल करवाते थे और पैसा मांगा गया। करीब दो महीने में 47 लाख रुपया ले लिया। पैसा मिलने के बाद सभी को अमेरिका बॉर्डर पार कराने की कोशिश की तो अमेरिकी पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि एक साल तक जेल में बंद रखा गया। जहां पर कच्चा मीट खिलाया गया। एक साल बाद परिवार के साथ संपर्क करवाया और फिर अमेरिका पुलिस ने कानूनी तरीके से इंडिया भेजा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।