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The Prime Minister's statement has angered Moga's bullion traders.
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प्रधानमंत्री के बयान से मोगा के सराफा कारोबारियों में रोष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील किए जाने के बाद सराफा कारोबारियों में भारी नाराजगी और रोष देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे को लेकर सराफा बाजार बंद करने के फैसले पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। इन शब्दों का प्रकटावा सराफा एसोसिएशन के प्रधान बलबीर सिंह रामूंवालिया तथा पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान एवं स्वर्णकार संघ के प्रदेश सचिव सुखचैन सिंह रामूंवालिया ने किया। उन्होंने कहा कि सराफा कारोबारी पहले ही आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। सोने के लगातार बढ़ते-घटते दामों ने कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है और व्यापार आधा रह गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना न खरीदने की अपील ने कारोबारियों की कमर तोड़ने का काम किया है। इससे सोने का कारोबार पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है। छोटे दुकानदार पहले ही मंदी की मार झेल रहे हैं और अब इस बयान के बाद उन्हें अपना काम छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विवाह-शादी का सीजन आने वाला है और ऐसे समय में प्रधानमंत्री के बयान के कारण ज्वेलरी की मांग में भारी गिरावट आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने और अपने मंत्रिमंडल के बढ़ते खर्चों तथा रैलियों पर होने वाले फिजूल खर्चों पर रोक लगानी चाहिए, न कि किसी विशेष कारोबार को निशाना बनाकर ऐसे बयान देने चाहिए। रामूंवालिया ने कहा कि यदि सरकार एक साल तक सोना न खरीदने की अपील कर सकती है तो सरकार को एक साल तक सराफा कारोबारियों का जीएसटी, इनकम टैक्स और अन्य टैक्स भी माफ करने चाहिए तथा उनके परिवारों के खर्च की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक कारोबारी के साथ उसके परिवार के अलावा कारीगर और अन्य कर्मचारी भी जुड़े होते हैं, जिनकी रोजी-रोटी इस व्यापार पर निर्भर करती है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस बयान पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि देशभर में लाखों लोग इस कारोबार से जुड़े हुए हैं और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण सरकारों को ऐसे बयानों से बचना चाहिए, अन्यथा इसके गलत परिणाम सामने आ सकते हैं।
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