अलवर में पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले युवक अमित सैनी के घर सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई। अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव जितेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई नेताओं ने इस मामले में सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ कहा कि अब तक थाना सस्पेंड हो जाना चाहिए था, लेकिन उल्टा पुलिस मृतक के परिजनों पर ही दबाव बना रही है।
नेताओं के सामने रो पड़ीं दादी और ताई
नेताओं की मौजूदगी में अमित सैनी की दादी और ताई बिलख-बिलख कर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि अमित को पुलिस ने झूठे आरोप में पकड़ कर पीटा, उसे धमकाया गया और मानसिक रूप से तोड़ दिया गया। मृतक की दादी ने आरोप लगाया कि पुलिस बार-बार परिवार को थाने बुलाकर दबाव बना रही है, लेकिन किसी भी अधिकारी ने अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं की।
यह भी पढ़ें- Ajmer News: ब्यावर में जालिया जीरो पुलिया पर पलटा केमिकल टैंकर, चालक की मौत, SI हेमंत पालावत झुलसे
सुसाइड नोट में छह लोगों के नाम, फिर भी नहीं हुई FIR
मामले में अब तक पुलिस की निष्क्रियता और सरकार की चुप्पी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सख्त नाराजगी जताई। जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमित ने अपने सुसाइड नोट में तीन पुलिसकर्मियों सहित छह लोगों के नाम लिखे, इसके बावजूद कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। यह अत्यंत शर्मनाक है कि जिस पुलिस पर आरोप हैं, वही लोग अब जांच का हिस्सा बने बैठे हैं। ऐसे में निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
जहर खाकर की आत्महत्या, प्रताड़ना की दास्तां भयावह
जानकारी के मुताबिक, घटना सात जुलाई की है। जब 22 वर्षीय अमित सैनी और उसके एक दोस्त को चोरी के आरोप में सदर थाना पुलिस पकड़ कर ले गई थी। आरोप है कि दोनों को लॉकअप में पूरी रात पीटा गया, जान से मारने की धमकी दी गई और उनके साथ मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न किया गया। परिजनों ने वकील की मदद से उन्हें छुड़वाया, लेकिन मोबाइल, पर्स और बाइक पुलिस और अन्य लोगों के पास ही रह गई। इस अपमान और प्रताड़ना से आहत होकर अमित ने जहर खा लिया और दम तोड़ दिया।
यह भी पढ़ें- Kota News: जेल से रिहा हुए नरेश मीणा ने सभा में हथेली काटकर किया भगत सिंह को तिलक, शुरू की जनक्रांति पदयात्रा
नेताओं ने की विधानसभा-लोकसभा में मुद्दा उठाने की घोषणा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अब यह मामला सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था पर गहरी चोट है। उन्होंने कहा कि हम इसे विधानसभा और लोकसभा दोनों में उठाएंगे। सरकार को जवाब देना होगा। जिन पर आरोप हैं, वे अब भी थाने में डटे हैं। यह न्याय की प्रक्रिया का मजाक है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि अमित के साथ जो हुआ, वह एक संस्थागत अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित के नाबालिग दोस्त को भी बालिग बताकर गिरफ्तार किया गया, जिससे मामला और भयावह हो गया। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।