प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को बाड़मेर जिले में एक अभिनव पहल की शुरुआत हुई। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने निक्षय मित्रों के माध्यम से टीबी रोगियों को घर-घर जाकर पोषण किट वितरित करने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर जिला कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने रोगियों के घरों का दौरा किया और उन्हें आवश्यक पोषण किट प्रदान किए।
बाड़मेर जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए एक अभिनव पहल की है। जिसके तहत निक्षय मित्रों को शामिल किया गया है। निक्षय मित्र, टीबी रोगियों की देखभाल और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम के तहत, निक्षय मित्र जिले के टीबी रोगियों के घरों तक पहुंचे और उन्हें पौष्टिक आहार किट वितरित किए। इन किटों में रोगियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं।
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जिला कलेक्टर के प्रयासों से बाड़मेर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने निक्षय मित्र बनकर टीबी रोगियों को गोद लिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के टीबी रोगियों को हर महीने पौष्टिक आहार मिल सके, जिससे वे रोग से लड़ सकें और स्वस्थ हो सकें। जिला कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य गणमान्य लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए प्रेरित किया है।
इसके अतिरिक्त, टीबी रोगियों को चिकित्सा विभाग के माध्यम से चिकित्सा सुविधा, समय-समय पर जांच और विशेषज्ञों से परामर्श प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि रोगियों को हर संभव सहायता मिले ताकि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो सकें।
यह उल्लेखनीय है कि भारत सरकार वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य लेकर चल रही है। बाड़मेर जिला प्रशासन की यह पहल इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस कार्यक्रम से टीबी रोगियों को न केवल पोषण मिलेगा, बल्कि उन्हें इस बीमारी से लड़ने के लिए आवश्यक समर्थन भी मिलेगा।