जयपुर स्थित गोविंद देवजी मंदिर में अपरा एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत विशेष धार्मिक आयोजन हुए। ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के अवसर पर श्री गोविन्द देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में सुबह मंगला झांकी के बाद ठाकुर श्रीजी का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पंचामृत अभिषेक किया गया।
अभिषेक के बाद ठाकुर श्रीजी को लाल रंग की आकर्षक नटवर वेशभूषा धारण कराई गई। फूलों से निर्मित विशेष अलंकरण, नटवर मुकुट और छड़ी से सुसज्जित मनमोहक शृंगार ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी और भक्तों ने भक्ति भाव से ठाकुरजी के दर्शन किए।
ये भी पढ़ें: NEET Paper Leak: गुरुग्राम के यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा पेपर, दिनेश बिवाल के बेटे से पुरानी पहचान
राजभोग झांकी के दौरान विशेष जलयात्रा झांकी के दर्शन कराए गए। इस अवसर पर ठाकुर श्रीजी और राधारानी जी के करकमलों में सोने की पिचकारी सुशोभित की गई, जिसने झांकी की भव्यता को और आकर्षक बना दिया। जलयात्रा उत्सव के दौरान मंदिर परिसर भजनों और जयकारों से गूंज उठा।
भीषण गर्मी को देखते हुए ठाकुर श्रीजी को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष ग्रीष्मकालीन भोग अर्पित किए गए। इसमें खरबूजा, तरबूज सहित विभिन्न मौसमी फल और पारंपरिक सिकरन-पूड़ी का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने इस विशेष आयोजन को उत्साह और आस्था के साथ देखा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार जलयात्रा उत्सव शृंखला के अगले दर्शन अमावस्या के अवसर पर 16 मई को सुबह 11:15 बजे से 11:45 बजे तक कराए जाएंगे। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है।