कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने शुक्रवार को एमबीएस अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता सक्सेना और एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निष्पादन को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इसका निस्तारण निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ब्लड बैंक की स्थिति की समीक्षा करते हुए ब्लड ग्रुपवार यूनिट्स की पर्याप्त उपलब्धता की अनिवार्यता पर बल दिया। अस्पताल परिसर में पाई गई गंदगी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने नियमित एवं सतत सफाई व्यवस्था के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी ड्यूटी डॉक्टर एप्रन में हों तथा नर्सिंग स्टाफ के नाम बैज उनकी यूनिफॉर्म पर प्रदर्शित हों ताकि जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके और मरीजों को सही व्यक्ति तक पहुंचने में असुविधा न हो। कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल परिसर में प्रमुख योजनाओं की जानकारी, ड्यूटी स्टाफ की डिटेल्स, ओपीडी-आईपीडी समय, विभागीय मैप आदि सूचना बोर्डों के माध्यम से प्रदर्शित किए जाएं ताकि मरीजों एवं तीमारदारों को इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, एसओपी की अनुपालना, जांच व रिपोर्ट वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए मरीजों को सुगमता से गुणवत्तापूर्ण सेवा देने के निर्देश दिए।
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रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल पर जताई चिंता, किया कार्य पर लौटने का आग्रह
वहीं जिला कलेक्टर समारिया ने रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल और उससे प्रभावित हो रही चिकित्सा सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक व्यवस्थाएं मजबूत की जाएं ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही रेजिडेंट्स से संवेदनशील अपील की कि जनहित सर्वोपरि है और उन्हें शीघ्र कार्य पर लौटना चाहिए। वहीं निरीक्षण के दौरान ठेका कर्मचारियों ने कलेक्टर को अपनी समस्याएं बताईं, जिस पर उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं का समाधान नियमानुसार और समयबद्ध ढंग से किया जाएगा।