सीकर जिले के लोसल कस्बे में सोमवार को जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण एक ठेका कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। 38 वर्षीय मनोहर लाल जलदाय विभाग की पानी की टंकी पर जांच के लिए चढ़ा था, तभी मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हमले से संतुलन बिगड़ने पर वह करीब 60-70 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। गंभीर अवस्था में उसे लोसल अस्पताल लाया गया, जहां से सीकर रैफर किया गया, लेकिन इलाज से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मनोहर पिछले 15 वर्षों से जलदाय विभाग में संविदा पर कार्यरत था और परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे पत्नी, तीन छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं। इस हादसे के बाद मृतक के परिजन और कस्बेवासी जलदाय विभाग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टंकी पर मधुमक्खियों का छत्ता होने के बावजूद बिना सुरक्षा के मनोहर को चढ़ाया गया। हादसे के बाद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और विभाग ने मृतक को अपना कर्मचारी मानने से भी इनकार कर दिया।
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धरने में परिजनों ने 50 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी देने की मांग रखी। दोपहर 1 बजे शुरू हुआ धरना शाम 7:30 बजे तक चला। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष गोविंदराम बिजारणिया, कम्युनिस्ट नेता भागीरथ नेतड़, भाजपा नेता राजकुमार शर्मा और कांग्रेस नेता इस्माइल नागौरी समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और परिवार को समर्थन दिया।
शाम करीब 5:30 बजे जलदाय विभाग के अधीक्षक अभियंता रमेशचंद्र राठी मौके पर पहुंचे और 11 सदस्यीय कमेटी के साथ दो घंटे तक वार्ता की। बातचीत के बाद मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी देने, निष्पक्ष जांच कराने और उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया। इन आश्वासनों के बाद धरना समाप्त किया गया।