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Shimla: लंबित मांगों को लेकर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स का प्रदर्शन, ठेकेदार पर EPF राशि में गड़बड़ी के आरोप
शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:26 PM IST
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन किया। सीटू के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन और प्रदेश सरकार से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और IGMC वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की कई मांगें लंबित हैं, लेकिन इनके समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने के साथ सभी कर्मचारियों को हर वर्ष वेतन में इंक्रीमेंट देने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें कई ऐसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जो उनके अधिकार के दायरे में आती हैं।
प्रदर्शनकारियों ने EPF और ESI की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा लाभों को सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
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कर्मचारियों ने अस्पताल के अलग-अलग ब्लॉकों के अनुसार क्लॉक रूम और चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि अस्पताल में विभिन्न स्थानों पर सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के लिए काम के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार से एक स्पष्ट और स्थायी नीति बनाने की मांग की। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था में लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को ठोस नीति लागू करनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ठेकेदार के खिलाफ भी नारेबाजी की। यूनियन की ओर से ठेकेदार पर कर्मचारियों के EPF की राशि में कथित गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच करवाने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और प्रदेश सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की।
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